ये धरती पर मिलने वाली Ice जैसी नहीं... वैज्ञानिकों ने खोजी एकदम नए तरीके की बर्फ, जानें इसके बारे में...

एक नए तरीके की रिसर्च में वैज्ञानिकों ने नए तरीके की बर्फ इजाद की है। ये बर्फ ना तो तैरती है और ना ही डूब सकती है।

New type of ice

बर्फ क्या है? ये पानी की एक अवस्था है, जो कि जमने से बनती है। कार्बन डाइऑक्साइड की ही ठोस अवस्था को बर्फ कहा जाता है। ये क्रिस्टलीय ठोस पिघल सकता है और बहुत भारी हो तो पानी में डूब भी सकता है। लेकिन क्या होगा अगर कुछ बहुत ज्यादा ठंडा पूरी तरह से बर्फ की परिभाषा ही बदलकर रख दे तो? कुछ ऐसा जो ना तो तैरता है और ना ही डूबता है। जी हां! वैज्ञानिकों ने एक नए तरह की बर्फ का निर्माण किया है, जो काफी चर्चा में है।

क्या बदल गई बर्फ की परिभाषा?

क्या बदल गई बर्फ की परिभाषा?

बर्फ क्या है? ये पानी की एक अवस्था है, जो कि जमने से बनती है। कार्बन डाइऑक्साइड की ही ठोस अवस्था को बर्फ कहा जाता है। ये क्रिस्टलीय ठोस पिघल सकता है और बहुत भारी हो तो पानी में डूब भी सकता है। लेकिन क्या होगा अगर कुछ बहुत ज्यादा ठंडा पूरी तरह से बर्फ की परिभाषा ही बदलकर रख दे तो? कुछ ऐसा जो ना तो तैरता है और ना ही डूबता है। जी हां! वैज्ञानिकों ने एक नए तरह की बर्फ का निर्माण किया है, जो काफी चर्चा में है।

वैज्ञानिकों ने बनाई नई बर्फ

वैज्ञानिकों ने बनाई नई बर्फ

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी ने एक नए तरह की बर्फ इजाद की है, जो देखने में नॉर्मल बर्फ जैसी तो बिल्कुल भी नहीं लगती। इसमें ‘amorphous' मॉलिक्यूल होते हैं, जो एक लिक्लविड जैसे नजर आता है। इस तकनीक में सामान्य बर्फ को कुचला गया था। हालांकि, ये साफ नहीं है कि तरल पानी को ठंडा करके इसे सीधे उत्पादित किया जा सकता है या नहीं।

रहस्यों को सुलझाने में होगी मदद

रहस्यों को सुलझाने में होगी मदद

रिसर्चर्स को उम्मीद है कि ये नए तरीके की बर्फ पानी के चारों ओर घूमने वाले वैज्ञानिक रहस्यों को सुलझाने में मददगार साबित हो सकती है। इस नए तरह की बर्फ को अनाकार बर्फ कहा जाता है। इसका ये मतलब है कि इसके अंदर पानी के अणु सामान्य, क्रिस्टलीय बर्फ की तरह साफ सुथरे पैटर्न में नहीं होते हैं।

एकदम सरल तकनीक का हुआ इस्तेमाल

एकदम सरल तकनीक का हुआ इस्तेमाल

इस नए तरीके की बर्फ को बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने एकदम सरल तकनीक का इस्तेमाल किया। इसके लिए बॉल मिलिंग का इस्तेमाल किया गया। इसमें बर्फ और स्टेनलेस स्टील गेंदों के एक कंटेनर को हिलाना शामिल होता है। जिसे 77 केल्विन तक ठंडा किया जा सकता है।

क्या कहते हैं रिसर्चर?

क्या कहते हैं रिसर्चर?

स्टॉकहोम यूनिवर्सिटी के रासायनिक भौतिक विज्ञानी एंडर्स निल्सन कहते हैं कि आपको एक वैज्ञानिक के रूप में अप्रत्याशित के लिए खुला होना होगा, जो कि इस रिसर्च में शामिल था ही नहीं। कंप्यूटर सिमुलेशन से पता चला कि कैसे सामान्य बर्फ की संरचना एक ठोस में बदल सकती है। जब बर्फ को कम तापमान पर स्टेनलेस स्टील की गेंदो के साथ हिलाया जाता है, तो कुछ ऐसा बनकर तैयार होता है।

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