ड्राइविंग की इजाजत तो मिली पर सेल्फी और कपड़े ट्रायल करने पर है बैन
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नई दिल्ली। सऊदी अरब में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर सालों से पाबंदी लगी हुई थी लेकिन हाल में एक ऐतिहासिक फैसले में उन्हें ड्राइविंग की अनुमति दी गई है। सऊदी अरब इकलौता देश था जहां महिलाओं को ड्राइविंग की मनाही थी। ऐसा इसलिए था क्योंकि उन्हें लगता था कि इससे महिलाओं की पुरुषों संग नजदीकी बढ़ेगी और वो दूसरे सेक्स के प्रति आकर्षित हो सकती हैं। एक लंबी लड़ाई के बाद वहां महिलाओं को ये आजादी मिली है। इस फैसले का पूरे देश ने ही नहीं, बल्कि दुनिया में दिल खोलकर स्वागत किया गया। इस अरब देश में महिलाओं ने ये एक जंग तो जीत ली लेकिन वहां अभी भी कई ऐसे कानून हैं जो महिलाओं की आजादी में रोड़ा बने हुए हैं। जानिए कौन से हैं ये कानून...


नहीं मना सकती हैं वैलेंटाइन डे
सऊदी में वैलेंटाइन डे मनाने की भी इजाजत नहीं है। 14 फरवरी यानि प्यार के दिन यहां लाल गुलाब और दिल के आकार की कोई भी चीज अगर बिकती हुई मिल गई, तो फिर दुकानदार की खैर नहीं है। इतना ही नहीं, इस दिन लाल रंग पहनने पर भी पाबंदी है। अगर कोई लड़की इस दिन बालों में लाल रंग का रिब्बन भी लगाकर भी स्कूल पहुंचती है तो उसे वापस भेज दिया जाता है।

मेकअप से पुरुष होते हैं आकर्षित!
मेकअप करना हर लड़की को पसंद है लेकिन सऊदी अरब में ऐसा नहीं है। यहां सभी कानून पुरुषों के द्वारा बनाए गए हैं और इस कट्टर समाज ने महिलाओं को मेकअप करने की इजाजत नहीं दी है। यहां महिलाओं को, फिर चाहे वो देसी हों या विदेशी, सभी को बुर्का पहनने की सख्त हिदायत दी गई है। महिलाएं ऐसे कोई कपड़े नहीं पहन सकतीं जिसमें उनका जरा भी शरीर दिखता हो।

बिना इजाजत नहीं कर सकतीं कोई काम
सऊदी अरब में आज भी महिलाएं हर काम के लिए पुरुषों पर आश्रित हैं। फिर चाहे घर से बाहर निकलना हो या कोई खाता खुलवाना, बिना मर्दों के वो कोई काम नहीं कर सकतीं। पासपोर्ट, वीजा और बैंक अकाउंट खोलने जैसी चीजों के लिए भी उनके घर के मर्दों की इजाजत की जरूरत पड़ती है।

ड्राइविंग करेंगी, लेकिन बिना मर्दों से बात किए
सऊदी अरब में महिलाएं अब ड्राइविंग जरूर करेंगी लेकिन ट्रैफिक पुलिस से बात कैसे करनी है, इसकी आजादी उन्हें अभी भी नहीं है। यहां महिलाएं किसी गैर-पुरुष से बात नहीं कर सकती। अगर कोई भी महिला ऐसा करती मिलती है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाती है। यहां अस्पतालों और बैंकों में भी महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग रास्ते बने हैं।

तस्वीरें खिंचवाना... तौबा तौबा!
कोई भी जब घर से बाहर निकलता है तो खूब सारी तस्वीरें खींचता है लेकिन यहां ऐसा नहीं है। सार्वजनिक स्थानों पर तस्वीरें खींचने की यहां अनुमति नहीं है। सरकारी बिल्डिंग्स, पैलेस और आम लोगों की तस्वीरें उतारना किसी को भी महंगा पड़ सकता है। महिलाएं न यहां खुद तस्वीरें खींच सकती हैं और न कोई उनकी।

कपड़े ट्राई करने पर भी है पाबंदी
कपड़े खरीदते वक्त उन्हें ट्राई करना आम बात है लेकिन यहां वो भी बैन है। सऊदी अरब में महिलाएं कपड़े खरीदते वक्त उन्हें ट्राई नहीं कर सकती। इस पुरुष प्रधान देश को उसमें भी आपत्ति है। महिलाएं यहां वो जिम और स्विमिंग भी इस्तेमाल नहीं कर सकती जो मर्द कर रहे हों।

इन कामों पर भी लगा रखा है बैन
यहां महिलाएं के कब्रिस्तान में जाने पर पाबंदी है। और वो किसी खेल में भी भाग नहीं ले सकतीं। लंदन ओलंपिक्स में इस मुल्क ने भले ही दो महिलाओं को भाग लेने की इजाजत दे दी थी लेकिन देश में समाज के ठेकेदार बने लोगों ने उन्हें वेश्या करार दे दिया था।












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