पुलिसकर्मियों ने बंदर की निकाली शव यात्रा, हिंदू रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कार, जानें क्यों
ओडिशा के जाजपुर जिले के एक पुलिस स्टेशन के कर्मियों द्वारा हिंदू रीति-रिवाज से एक मृत बंदर का अंतिम संस्कार किया गया।
भुवनेश्वर, 26 अगस्त। ओडिशा के जाजपुर जिले के एक पुलिस स्टेशन के कर्मियों द्वारा हिंदू रीति-रिवाज से एक मृत बंदर का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बंदर बलिचंद्रपुर थाने के परिसर में एक पेड़ पर ही रहता था, जिसके चलते उससे लगाव हो गया था। जब उन्होंने उसे मृत देखा तो उसके शव को वन विभाग को सौंपने के बजाय उसका पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करने का मन बनाया।

बंदर से हो गया था लगाव
थाना प्रभारी बिजयिनी मल्हा ने कहा कि यह बंदर हमारे थाना परिसर में ही एक पेड़ पर रहता था। हमारे सभी कर्मचारी इसे जानते थे और इससे बहुत लगाव हो गया था। यह हमारे चारों ओर घूमता रहता था और हम इसे खाना देते थे। उन्होंने कहा कि मंगलवार को अचानक यह मृत मिला। यह काफी बूढ़ा और बीमार था। हम इसकी मौत से काफी दुखी हैं। यह हमारे काफी करीब था और परिवार के एक सदस्य जैसा हो गया था। इसलिए हमने पूरे रीति रिवाज के साथ इसका अंतिम संस्कार करने का मन बनाया।

बंदर को पहनाई गई माला, निकाली शव यात्रा
उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों ने मृत बंदर को माला पहनाई, उसका सम्मान किया और शव यात्रा निकालकर उसे श्मशान घाट तक ले गए, जहां हिंदू परंपरा के अनुसार अनुष्ठान किया गया।

जानवरों से प्यार करने वालों की कमी नहीं
यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी जानवर को उसकी मौत के बात इतना प्यार दिया गया हो। इस साल मई में, नरेश नाम के एक कुत्ते के मालिक ने बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापति नगर में अपने पालतू टोनी के लिए एक शादी के बैंड के साथ उसके अंतिम संस्कार का जुलूस निकाला था। इस शव यात्रा में कई ग्रामीण शामिल हुए थे और उन्होंने कुत्ते को श्रद्धांजलि दी थी। कुत्ते को मालाएं पहनाई गई और उसके लिए तेरी मेहरबानियां गाना भी बताया गया। कुत्ते का अंतिम संस्कार बया नदी के किनारे किया गया था।












Click it and Unblock the Notifications