स्कूल में गिरे 'उल्कापिंड' की जांच करने पहुंचे NASA के साइंटिस्ट, तो सामने आई हैरान करने वाली बात
Meteorite Dropped in School: सोशल मीडिया पर इन दिनों ऑस्ट्रेलिया (Australia) के एक स्कूल की तस्वीर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। फोटो में देखा जा सकता है कि जमीन पर 'उल्कापिंड' (Meteorite) जैसा एक पत्थर पड़ा है और उसके आस-पास की जमीन जली हुई प्रतीत होती है। इंटरनेट पर फोटो देखकर लोग हैरान रह गए, कुछ लोगों का कहना है कि यह अंतरिक्ष (Space) से आया उल्कापिंड है। हालांकि इस तस्वीर को सच्चाई जब NASA के वैज्ञानिकों को पता चली तो वह भी हैरान रह गए।

ऑस्ट्रेलिया के स्कूल में गिरा 'उल्कापिंड'
मामला ऑस्ट्रेलिया (Australia) के उत्तरी क्वींसलैंड के प्राइमरी स्कूल मालंडा स्टेट (Malanda State School) का है, जहां आसमान से उल्कापिंड गिरने की खबर इंटरनेट और आस-पास के इलाकों में आग की तरह फैल गई। लोग बड़ी संख्या में इस प्राकृतिक घटना को देखने के लिए स्कूल पहुंचने लगे। फोटो भी सोशल मीडिया (social media) पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि काले पत्थर से धुआं भी उठ रहा है।

नासा के एक्सपर्ट भी स्कूल पहुंचे
प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल मार्क एलेन (Mark allen) ने इस घटना के बारे में बताया कि इस घटना को लेकर उनसे दुनियाभर के सवाल पूछे जा रहे हैं। यहां तक की स्कूल के प्लेग्राउंड में 'उल्कापिंड' गिरने की खबर सुन घटना स्थल पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक्सपर्ट (NASA Scientist) भी उसकी जांच करने के लिए पहुंच गए। स्कूल में पुलिस भी मौजूद थी और प्लेग्राउंड की घेराबंदी भी कई गई थी। हालांकि जब प्रिंसिपल ने 'उल्कापिंड' के पीछे का सच बताया तो सभी हैरान रह गए।

'उल्कापिंड पर प्रोजेक्ट तैयार करने था'
मार्क एलेन ने नासा के वैज्ञानिकों को बताया कि प्लेग्राउंड पर दिख रहा काला पत्थर कोई उल्कापिंड नहीं बल्कि स्कूल असाइनमेंट का हिस्सा है। प्रिंसिपल ने बताया कि स्कूल ने बच्चों को उल्कापिंड के बारे में समझाने के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार किया था। दरअसल, छात्रों को उल्कापिंडों की लैंडिंग पर एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया था, साथ ही लोगों से बात कर उनकी प्रतिक्रिया भी लेनी थी।

पुलिस ने भी रचा नाटक
मार्क एलेन के मुताबिक बच्चों को अपनी रिपोर्ट में स्थानीय पुलिस और पशासन की प्रक्रिया भी लिखनी थी। इसी सिलसिले में उल्कापिंड का एक डमी प्लेग्राउंड में तैयार किया गया। जमीन पर दिख रहा पत्थर असल में चारकोल से बना एक गर्म गोला है। बच्चों को उनके प्रोजेक्ट में स्थानीय पुलिस का भी साथ मिला, स्कूल में सारी घटना को इस तरह रचा गया कि वहां सच में कोई उल्कापिंड गिरा था। इसी प्रोजेक्ट की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और उल्कापिंड गिरने का दावा किया गया।
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