Meteor Shower: उल्का ने दिखाया रौद्र रुप, आसमान में लगी 'आग', निकली रंग बिरंगी किरणें, देखें तस्वीरें
नार्वे में एक बड़ी खगोलीय घटना देखी गई। जिसमें एक तारे जैसी कोई वस्तु जलती सी दिखाई दी। इस दुर्लभ घटना की खूूबसूरत तस्वीरें सामने आई हैं।
Meteor Shower in Norway: पिछले एक सप्ताह से अब तक स्पेस में दो बड़ी घटनाएं देखी गईं। ये दोनों घटनाएं यूरोप में देखी गईं। कनाडा के शहर ओंटारियो में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिली थी। तो वहीं नार्वे में इससे भी बड़ी एक घटना देखी गई। जिसमें एक तारे से Meteor को जलता दिखाई दे रहा है। इस दुर्लभ घटना का वीडियो भी सामने आया है।

साउथ नार्वे में दिखी दु्र्लभ घटना
ये घटना यूरोपीय देश नार्वे की है। दक्षिणी नार्वे में शनिवार शाम को असामान्य घटना घटी। स्पेस से पृथ्वी को ओर बढ़े उल्का से अचानक तेज रोशनी निकलने लगी। तस्वीर देखकर ऐसा लगा मानों आसमान में आग लग गई हो।

लोगों ने दी पुलिस को सूचना
नार्वे के न्यूज प्लेफार्म 'द लोकल' की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार शाम करीब 7 बजे ये घटना देखी गई। स्थानीय लोगों ने इसका सूचना पुलिस को दी। घटना का वीडियो भी कैद किया गया। जिसमें खूबसूरत तस्वीरें दिखाई दीं।

उल्का बौछार की संभावना
ये अनोखी खगोलीय घटना नार्वे में कभी- कभी देखी जाती है। स्पेस साइंटिस्ट्स ने इस घटना को लेकर अपने विश्लेषण में कहा कि ये उत्तरी टॉरिड उल्का बौछार (Northern Taurid meteor shower) से होने की संभावना कारण हुई है। नॉर्वेजियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन से बात करते हुए ड्यूटी पर मौजूद मौसम विज्ञानी सिरी वाईबर्ग ने कहा कि लियोनिड्स उल्का बौछार है। जिसमें तारे जलने की घटानाएं दिखती हैं। विबर्ग ने कहा कि ये साल में दो बार होता है।

मीडिया रिपोर्ट्स का दावा
The Norsk Meteornettverk के अनुसार, "यह Meteor समुद्र तल से 65 किमी ऊपर में पूरी तरह से जल गया। इसे लियोनिड उल्का बौछार के साथ जोड़ा जा रहा है है। लेकिन यह बोलाइड उन उल्का समूहों से अलग है जो शॉवर में एक साथ शामिल हैं। टॉरिड्स लियोनिड्स उल्का बौछार के रूप में कभी-कभी काफी शक्तिशाली उल्का देखे जाते हैं और शनिवार को ऐसा ही उल्का देखा गया।

क्या कहते हैं स्पेस साइंटिस्ट्स?
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) के साइंटिस्ट्स के अनुसार हर साल पृथ्वी सितंबर से नवंबर तक के मलबों से होकर गुजरती है। जो कि पृथ्वी के वायुमंडल से 65,000 मील प्रति घंटे की गति से टकराते हैं। जिसके चलते ये उल्का घटना देखने को मिलती है। टॉरिड उल्का सितंबर से नवंबर तक अंतरिक्ष में देखे जा सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications