10 दिन में चौथी बार स्पर्म डोनेट करने गये डॉक्टर की मौत
बीजिंग। चीन के वुहान विश्वविद्यालय के मेडिकल के छात्र जेंग गांग की उस वक्त अचानक मौत हो गई, जब वो स्पर्म डोनेट करने के लिये स्पर्म बैंक के क्लोस्ड केबिन में था। मौत के कारण 10 दिन में चौथी बार स्पर्म डोनेट करना बताया गया है, जो कि वाकई में अविश्वस्नीय है, लेकिन हां विश्वास करने वाली बात यह है कि कोर्ट ने 2012 में हुई इस मौत पर अब स्पर्म बैंक को मृतक के परिजनों को 27 हजार पाउंड बतौर मुआवजा देने के आदेश दिये हैं।
हुआ यूं कि 2010 में मेडिकल के छात्र गांग ने पैसा जुटाने के लिये स्पर्म डोनेट करने शुरू कर दिये। उसने हुबेई प्रोविंस में स्थित स्पर्म बैंक में संपर्क किया और नियमित रूप से स्पर्म डोनेट करने जाने लगा। 2012 में अचानक उसे पैसे की ज्यादा जरूरत पड़ी तो उसने 8 दिन के अंदर तीन बार स्पर्म डोनेट किये। चौथी बार (10 दिन के अंदर) जब वो स्पर्म डोनेट करने के लिये गया तो उसे एक कंटेनर और अश्लील मैगजीन देकर क्लोस्ड कैबिन में भेज दिया गया।
करीब दो घंटे बीत जाने पर वो बाहर नहीं निकला तो बैंक के कर्मचारियों ने दरवाजा खटखटाया और फिर तोड़ कर जब अंदर घुसे तो उन्हें लाश मिली। इस 23 वर्षीय जूनियर डॉक्टर की मौत पर उसके परिजनों ने कोर्ट में केस ठोंका और 10 लाख पाउंड बतौर मुआवजे की मांग की। परिजनों का कहना था कि स्पर्म बैंक ने युवक को बार-बार मास्टरबेट कर स्पर्म डोनेट करने का दबाव बनाया, जबकि कोर्ट ने कहा कि वो बालिग था, लिहाजा यह आरोप खारिज किया जाता है।
हालांकि बीते बुधवार को कोर्ट ने अंतिम सुनवाई के बाद फैसला सुनाया और परिजनों को 27 हजार पउंड मुआवजा देने के आदेश दिये।













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