राजस्थान के इस रहस्यमयी मंदिर में रात में रुकना खतरनाक, पत्थर बन जाते हैं भक्त !

जयपुर, 02 दिसंबर: भारत में लाखों मंदिर है, जिनका अपना महत्व है। कोई मंदिर अपने अंदर वर्षों पुराना इतिहास समेटे बैठा हैं तो कोई अपनी बनावट को लेकर प्रसिद्ध है। इसके अलावा मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था भी बहुत बड़ा महत्व रखती है। वहीं देश में कुछ ऐसे रहस्यमयी मंदिर भी है, जिनके राज से आज तक पर्दा नहीं उठ पाया है। ऐसे ही एक मंदिर के बारे में आज आपको बताने जा रहे हैं, जहां रात में रुकना खतरनाक साबित हो सकता है। राजस्थान में स्थापित इस मंदिर को लेकर दावा किया जाता है कि जो भी यहां रात को रुकता है वो पत्थर बन जाता हैं। क्या है इस मंदिर की सच्चाई पढ़िए पूरी रिपोर्ट...

 सूरज ढलने के साथ मंदिर हो जाता है वीरान

सूरज ढलने के साथ मंदिर हो जाता है वीरान

जी हां, आपने एक दम सही सुना, एक ऐसा मंदिर जहां रात में अगर कोई श्रद्धालु रुक जाता है तो वो पत्थर का बन जाता है! यह रहस्यमयी मंदिर राजस्थान के बाड़मेर जिले में है, जिसको 'किराडू मंदिर' के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में वैसे तो बड़ी संख्या में लोग आते हैं, लेकिन सूरज ढलने के साथ-साथ मंदिर वीरान होने लगता है। यहां रात को गलती से भी कोई भक्त मंदिर में नहीं रुकना नहीं चाहता। मंदिर के पुराने इतिहास ने लोगों के अंदर एक डर बैठा दिया है, जिसके चलते लोग यहां ठहरने के नाम पर सहम जाते हैं।

कभी इसे कहा जाता था 'किराट कूप'

कभी इसे कहा जाता था 'किराट कूप'

बता दें कि राजस्थान में होने के बाद भी 'किराडू मंदिर' की शैली दक्षिण भारत के मंदिरों के जैसी है। इसे राजस्थान का खजुराहो भी कहा जाता है। बताया जाता है कि 1161 ईसा पूर्व में इस जगह का नाम 'किराट कूप' था, जो अब 'किराडू मंदिर' के नाम से जाना जाता है। मंदिर की पांच श्रृंखला है, जिसमें शिव मंदिर और विष्णु मंदिर ही मौजदा वक्त में सुरक्षित है, बाकि के सारे मंदिर अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। हालांकि यह पूरी तरह से नहीं पता कि किराडू मंदिर का निर्माण किसने करवाया, लेकिन ऐसा माना जाता है कि गुप्त वंश, संगम वंश, या गुर्जर-प्रतिहार वंश में से किसी ने इसकी नींव रखी होगी।

जानिए रात में ना रुकने का रहस्य?

जानिए रात में ना रुकने का रहस्य?

वहीं रात में ना रुकने को लेकर बताया जाता है कि कई वर्षों पहले मंदिर में एक साधु अपने अपने शिष्यों के साथ आए थे। साधु बाहर घूमने चले गए और सभी शिष्य मंदिर में ही थे। ऐसे में इस दौरान एक शिष्य की अचानक तबियत खराब हो गई, आनन-फानन में जब और शिष्यों ने गांव के लोगों से मदद मांगी तो किसी ने सहायता नहीं की। जब सिद्ध साधु वापस मंदिर में लौटे तो पूरे घटनाक्रम का जानकारी मिली, जिससे क्रोधित होकर उन्होंने ग्राामीणों को श्राप दिया कि सूर्यस्त के बाद सभी गांववाले पत्थर में बदल जाएंगे।

एक महिला ने की मदद, लेकिन

एक महिला ने की मदद, लेकिन

वहीं इस किराडू मंदिर से जुड़ी एक और मान्यता यह भी है कि गांव की एक स्त्री ने साधु के शिष्यों की मदद की थी, इसलिए साधु ने महिला को कहा था कि वो सूर्यास्त से पहले गांव से निकल जाएं और पीछे मुड़कर ना देखें, लेकिन महिला ने गलती और पीछे मुड़कर देख लिया, जिसेक बाद वो भी पत्थर की गई। बताया जाता है कि उस महिला की मूर्ति भी मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थापित है।

फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+