किम सू-ह्यून या फिर चोई सेउंग त्रिपाठी? भारतीय दंपति के शिशु का कोरियन नाम, इंटरनेट पर मचाई धूम
कोरियाई ड्रामा के करेक्टर में एक भारतीय महिला और पुरुस कुछ इस तरह घुसे कि उन्हें प्यार हो गया। बाद में शादी और फिर बच्चे। ये कोरियन ड्रामा का ये फीवर अब भी नहीं उतरा। दरअसल, ये कपल अब अपने बच्चे का नाम कोरियन लैग्वेज में ही रखना चाहते हैं। इसके लिए इंटरनेट पर नाम के दो ऑप्शन उनके के ही परिवार की एक महिला ने दिया। जिसमें पहला किम सू-ह्यून त्रिपाठी और दूसरा विकल्प चोई सेउंग त्रिपाठी का दिया गया है।
कोरियाई नाटकों ने सिर्फ फैशन ही नहीं, बल्कि संस्कृतियों और पर्यटन में भी अब अपनी छाप छोड़ रहा है। अपनी आकर्षक कहानियों और सम्मोहक किरदारों के साथ, उद्योग ने दुनिया भर के दर्शकों को प्रभावित करते हुए एक जगह बना ली है। एक्स पर एक नई पोस्ट में बताया गया है कि कैसे एक भारतीय जोड़े ने के-ड्रामा के प्रति प्रेम ने उनके नवजात बेटे के नाम को जन्म दिया। ये नाम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना है।

वायरल एक्स पोस्ट में, महिला ने साझा किया कि उसका चचेरा भाई और उसकी पत्नी के-ड्रामा के कारण एक दूसरे के करीब आ गए। शो देखते-देखते उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया। उनके बच्चे के जन्म के बाद, जोड़े ने सोशल मीडिया पर एक सर्वेक्षण किया, जिसमें उन्होंने अपने बच्चे के नाम के लिए तीन विकल्प दिए... "किम सू-ह्यून त्रिपाठी, चोई सेउंग-ह्यो त्रिपाठी या फिर कांग ताए-मू त्रिपाठी।"
ये पहला मौका नहीं है, कोई भारतीय अपनी संतान का नाम कोरियाई नाम से जोड़ रहा है। यूपी के अयोध्या जिले का नाम पहले से ही कोरिया से जुड़ी है। कोरियाई ऐसा मानते हैं कि वहां की महारानी हौ, जिन्हें महारानी सुरीरत्ना के नाम से जाता है, उनका मायका अयोध्या ही था।
दावा किया जाता है महारानी हौ अयोध्या की राजकुमारी थीं, जिनका विवाह दक्षिण कोरिया के राजा किम सूरो से हुआ था। कोरियाई किंवदंतियों के मुताबिक, अयोध्या की राजकुमारी सुरीरत्ना ने समुद्र पार करके 4,500 किलोमीटर की दूरी तय की थी और कोरिया के किमहे शहर पहुंचकर राजा किम सूरो से शादी की थी। हालांकि सनातन धर्म ग्रंथों में इसका उदाहण नहीं मिलता, लेकिन कोरियाई लोग अयोध्या को अपना ननिहाल मानते हैं।












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