इस जलपरी ने बदल दिखाया अपने असमान्य दावे को हकीकत में, गंगा में तैरकर पूरी की लंबी दूरी
नई दिल्ली। 10 दिन में कानपुर से वाराणसी तक 570 किलोमीटर की दूरी गंगा में तैरकर पार करने का दावा करने वाली श्रद्धा शुक्ला ने इसे हकीकत में बदल दिया है।
गंगा की तेज उफनाती लहरों के बीच तमाम दिक्कतों के बावजूद श्रद्धा का हौसला नहीं डिगा। मंगलवार की शाम चार बजे श्रद्धा शुक्ला काशी पहुंची।

बम-बम के उद्घोष से हुआ स्वागत
बनारस पहुंचने पर वहां के स्थानीय लोगों ने इस नन्हीं जलपरी को हाथोंहाथ लिया। उन्होंने परंपरागत तरीके से हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ उसका वेलकम किया। देखते ही देखते गंगा घाट पर इस नन्हीं जलपरी की एक झलक पाने के लिए बड़ी तादाद में लोग जुट गए।
यह है इस लंबे सफर का मकसद
श्रद्धा ने 570 किलोमीटर की इस दूरी को गंगा में तैरकर यूं ही नहीं पूरा किया है। उनका मकसद है कि लोग उनकी प्रतिभा को पहचान सकें और उन्हें ओलंपिक में जगह मिल सके।
ये लोग सफर में रहे साथ
श्रद्धा ने गंगा में यह लंबा सफर अकेले ही पूरा नहीं किया। उनकी निगरानी के लिए श्रद्धा के पिता ललित शुक्ला और चार अन्य गोताखोर भी पूरे सफर में साथ रहे। ललित खुद भी गोताखोर हैं और उन्होंने अपनी बेटी को प्रशिक्षण भी दिया है।
धोखा देने का लगा था आरोप
हालांकि, इस बीच कानपुर की 13 वर्षीय बेटी श्रद्धा शुक्ला पर एक पत्रकार ने आरोप लगाया था कि वह लोगों को धोखा दे रही हैं। वह ज्यादातर सफर नाव पर बैठकर पूरा कर रही हैं। इस मामले की जांच हो रही है।












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