'जैसे कोई चींटी इंसानों से बात कर रही हो...' क्या एलियंस के आगे कुछ भी नहीं हैं हम? कुछ ऐसा बताती है नई थ्योरी

समय-समय पर वैज्ञानिकों ने कई रिसर्च की हैं और तमाम तरह के दावे भी करते आए हैं। एक ऐसा ही दावा एलियंस को लेकर फिर किया जा रहा है, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

फिल्मों, किताबों और भी कई जगह हमने एलियंस का जिक्र सुना है। कई वैज्ञानिकों ने एलियंस के होने का दावा भी किया है और अपने थ्योरी को सबके सामने लाकर रखा है। एलियंस को लेकर समय-समय पर नए दावे किए जाते हैं, जो वाकई में काफी चौंकाने वाले होते हैं। ऐसे में सबके मन में सिर्फ एक ही सवाल उठता है कि क्या वाकई में एलियंस का अस्तित्व है? सालों से इस सवाल का जवाब खुद वैज्ञानिक भी ढूंढ रहे हैं लेकिन कोई कामयाबी हाथ नहीं लग सकी है। काफी शोध करने के बाद समय समय पर तमाम तरह के दावे जरूर किए जाते रहे हैं। अब इस चर्चा के बीच एलियंस को लेकर वैज्ञानिकों ने नया दावा किया है। नए शोध में एलियंस को लेकर जो बातें कही गई हैं, वो काफी चौंकाने वाली हैं।

वैज्ञानिकों की नई रिसर्च

वैज्ञानिकों की नई रिसर्च

एलियंस का जिक्र होते ही मन में उनके बारे में जानने की जिज्ञासा होने लगती है। एलियंस हैं भी या नहीं, इस बात के पुख्ता सबूत नहीं हैं। हालांकि, समय समय पर वैज्ञानिकों ने कई रिसर्च की हैं और तमाम तरह के दावे भी करते आए हैं। एक ऐसा ही दावा एलियंस को लेकर फिर किया जा रहा है।

"मानो चीटियां बात कर रही हों"

साइंटिस्ट्स का दावा है कि अगर इंसान एलियन से बात करने की कोशिश करेंगे, तो ये ऐसा होगा मानो चीटियां इंसानों से बात करने की कोशिश कर रही हैं। 'डेली स्टार' की खबर के मुताबिक रिसर्चर्स का मानना है कि अगर बात करने की या कोई संपर्क साधने की कोशिश की भी जाए, तो इसका एकमात्र आधार शायद गणित होगा। क्योंकि इंसान एलियंस के सामने बेहद छोटे हो सकते हैं।

लगातार जारी है रिसर्च

लगातार जारी है रिसर्च

बीबीसी टू ड्रामा डॉक्यूमेंट्री फर्स्ट कॉन्ट्रैक्टः एन एलियन एनकाउंटर इस बात को लेकर रिसर्च करता है कि अगर इंसानों को एलियंस के मौजूद होने का सबूत मिल जाता है, तो क्या हो सकता है?

भाषा बन सकती है बाधा

भाषा बन सकती है बाधा

वैज्ञानिक कहते हैं कि ये एक ऐसा सेनेरियो बन जाता है कि जिसमें किसी ऑब्जेक्ट या वस्तु से सिग्नल मिल रहे हों, लेकिन एलियंस का वजूद ढूंढने के क्रम में या फिर एलियंस से संपर्क साधने में भाषा जैसे मुद्दे भी बड़ी बाधा हो सकते हैं।

'वहां और भी चीजें हो सकती हैं'

'वहां और भी चीजें हो सकती हैं'

मैनचेस्टर में जोडरेल बैंक सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के निदेशक प्रोफेसर माइकल गैरेट ने कहा कि वहां और भी चीजें हो सकती हैं, जिनकी क्षमता हमारी कल्पना से पूरी तरह से परे है। ये कुछ ऐसा है मानो चीटियां इंसानों से बातचीत करने की कोशिश कर रही है।

हम एलियंस के लिए चीटियों की तरह हैं

हम एलियंस के लिए चीटियों की तरह हैं

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट डॉ लुइसा प्रेस्टन ने कहा कि मुझे यकीन है कि हम चीटियों की तरह हैं। हमने असल में हमारे सोचने की क्षमता पर कुछ ज्यादा ही घमंड किया है। डॉ लुइसा कहती हैं कि अगर आप हमारे 4.5 अरब वर्षों की तुलना में 13.8 अरब साल के बारे में सोचते हैं, तो पूरी संभावना है कि हम चीटियां ही हैं।

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