क्या फ्लाइट इंजीनियर के भूत ने बचाई 180 लोगों की जान? यात्रियों के उतरते ही विमान के इंजन में लगी थी आग
70 के दशक में ईस्टर्न एयरलाइन्स की फ्लाइट Tri Star 318 न्यूयॉर्क से मियामी जा रही थी। विमान जब हवा में पहुंचा तो उसमें मौजूद एयरहोस्टेस ने खाना सर्व करना शुरू किया, लेकिन तभी विमान के अंदर कुछ ऐसा हुआ, जिसके बारे में सुनकर सभी हैरान रह गए।
विमान में मैरी नाम की एयरहोस्टेस ओवन के पास खाना लेकर गईं। उसके अंदर उनको एक जला हुआ चेहरा दिखा। जिसको देखकर उनकी चीख निकल गई। उनको लगा कि वो उनका वहम है, ऐसे में वो दोबारा पास गईं। उनको फिर से वो चेहरा दिखा। उन्होंने अपने साथियों को ये बात बताई।

उनकी बात सुनकर फ्लाइट इंजीनियर उनके साथ गए। उनको भी वो चेहरा दिखा, जो प्लेन को तुरंत लैंड करवाने की बात कह रहा था। उसने यहां तक बता दिया कि फ्लाइट में कुछ देर में आग लग जाएगी। कहते हैं कि इसके बाद वो चेहरा गायब हो गया।
फ्लाइट इंजीनियर को वो चेहरा जाना-पहचाना लग रहा था। उसने कैप्टन को ये बात बताई। शुरू में सभी को ये बस मजाक लगा, लेकिन कुछ ही देर में कैप्टन को विमान में खराबी का अंदेशा हुआ और उसे न्यूयॉर्क में लैंड करवाया गया।
न्यूयॉर्क में विमान के इंजन को चेक किया गया और ट्रायल के तौर पर उसको बिना यात्रियों के उड़ाया गया। उड़ते ही उसके इंजन में आग लग गई। ऐसे में सबको उस भूत की याद आ गई, जो ओवन में दिखाई दिया था। फिलहाल वजह चाहे जो हो इस घटना में 180 लोगों की जान बची थी।
किसका था भूत?
दरअसल 19 दिसंबर 1972 को ईस्टर्न एयरलाइन्स के फ्लाइट नंबर 401 ने न्यूयॉर्क से मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट उड़ान भरी थी। उस विमान को कैप्टन रॉबर्ट एल्बिन, फर्स्ट ऑफिसर एलबर्ट जॉन, फ्लाइट इंजीनियर डॉनल्ड लुईस उर्फ डॉन रेपो उड़ा रहे थे।
शुरू में सब कुछ सही था, लेकिन लैंडिंग के वक्त विमान के गियर नहीं खुले। कैप्टन ने पूरी कोशिश की, लेकिन वो कामयाब नहीं हुए। ऐसे में विमान हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में 101 लोगों की जान गई। हालांकि 75 लोग बच गए थे।
इस हादसे के कुछ ही दिन बाद फ्लाइट में भूत वाली घटना घटी थी। कहा जाता है कि इंजीनियर डॉनल्ड लुईस उर्फ डॉन रेपो के भूत ने ही दूसरी फ्लाइट के लोगों की जान बचाई थी। हालांकि इसकी पुष्टि आज तक नहीं हो पाई। ये एविएशन के इतिहास की सबसे रहस्यमयी घटनाओं में से एक है।
फिल्म भी बनी
बाद में पता चला कि Tri Star 318 में फ्लाइट नंबर 401 के हादसे में बचे पुर्जों का इस्तेमाल हुआ था। ऐसे में इसे The Ghost of Flight 401 कहा जाने लगा। बाद में इस पर फिल्म भी बनी थी।












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