गुरु से शादी कर सुहागन बनीं पांच किन्नर, अब लगाएंगे सिंदूर... करेंगे श्रृंगार
Kinnar Marriage: पांच किन्नरों ने एक साथ अपने गुरु से शादी रचाई। अब ये किन्नर सुर्खियों में बने हुए हैं। तीन दिनों तक चली ये शादी भी चर्चा में है। शादी में किन्नरों ने दुल्हन की तरह श्रृंगार किया हुआ था।

Kinnar become brides: छत्तीसगढ़ के जांजगीर चंपा जिले में उस वक्त एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला, जब पांच किन्नरों ने अपने ही गुरु से शादी रचा ली। शादी में बाकायदा तीन दिवसीय कार्यक्रम रखा गया और शादी की सारी रस्में भी निभाई गईं।
(वीडियो-नीचे)
चर्चा में किन्नरों की शादी
तीन दिन तक हुए इस कार्यक्रम के पहले दिन किन्नरों ने बहुचरा माता की पूजा की। दूसरे दिन हल्दी की रस्में निभाई गईं और तीसरे दिन पूरे इलाके से किन्नरों की कलश यात्रा निकली। ये शादी अब चर्चा में है।
अनोखी शादी का हुआ आयोजन
तीन दिन के इस कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों ने न केवल अपने गुरु से विवाह किया, बल्कि समाज के कल्याण की प्रार्थना भी की। शादी में ट्रांस समुदाय के सभी पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन भी किया गया। इस अनोखी शादी का आयोजन भारत की किन्नर समिति द्वारा किया गया।
हल्दी और तेल लगाकर निभाई रस्में
शादी के दौरान सभी किन्नर दुल्हन की तरह तैयार हो रखे थे। उन्होंने दुल्हन की तरह साड़ियां पहनी। वहीं, किन्नर ने ही वर के रूप में हाथ में कटार लेकर हल्दी की रस्मों को पूरा किया। बहुचरा माता की पूजा अर्चना के बाद इन पांच किन्नरों माही, ज्योति, रानी, काजल और सौम्या ने शादी की बाकी रस्मों को पूरा किया। इस शादी में उनके परिवार के लोग भी शामिल हुए। किन्नरों के शरीर पर हल्दी और तेल लगाया गया।
'सभी किन्नरों को मिले इज्जत'
ये शादी किन्नरों के गुरु शारदा नायक से कराई गई। इन सभी किन्नरों में से एक किन्नर माही ने अन्य किन्नरों को इज्जत की जिंदगी जीने के लिए प्रेरित किया। माही ने ग्रेजुएशन तक की शिक्षा ली है। माही ने बताया कि किन्नर भी इंसान हैं और उन्हें भी अपनी जिंदगी जीने का पूरा अधिकार है। इस शादी में भी वो सभी रस्में निभाई जा रही हैं, जो आमतौर पर निभाई जाती हैं। वे अपने गुरु से शादी कर रहे हैं और अब उन्हीं के नाम का सिंदूर लगाएंगे।
किससे होती है किन्नरों की शादी?
आमतौर पर समाज के लोगों का मानना होता है कि किन्नर कभी शादी नहीं करते। लेकिन ऐसा नहीं है। किन्नरों की भी शादी होती है। लेकिन ये केवल एक रात के लिए शादी करके दुल्हन बनते हैं। किन्नरों की शादी इंसानों से नहीं बल्कि उनके भगवान से होती है। किन्नरों के भगवान अर्जुन और नाग कन्या उलूपी की संतान इरावन हैं। बताते चलें कि महाभारत में अज्ञातवास के दौरान अर्जुन किन्नर के रूप में ही रह रहे थे। बताते चलें कि किन्नरों की शादी पूरे 18 दिनों तक चलती है।
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