• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts
Oneindia App Download

टॉप साइंटिस्ट की चेतावनी! खतरे में मानव जाति का अस्तित्व, सिकुड़ रहा शरीर का ये खास अंग

By Vinod
Google Oneindia News

लंदन, 17 जून। एक पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक ने अपने रिसर्च में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है जो पूरी मानव जाति को हिलाकर रख सकता है। रिसर्च में वैज्ञानिक ने बताया है कि इंसानों के पेनिस का साइज सिकुड़ रहा है और आगे चलकर यह मानव जाति के अस्तित्व पर ही खतरा बन सकता है।

बच्चों में आ रही ये समस्या

बच्चों में आ रही ये समस्या

डॉ. शन्ना स्वान दुनिया के टॉप प्रजनन महामारी विज्ञानियों में से एक हैं। उनके हालिया शोध में ये संकेत मिला है कि पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की दर तेजी से बढ़ी है। वहीं पैदा होने वाले बच्चे छोटे पेनिस के साथ जन्म ले रहे हैं।

डॉ. स्वान ने इस शोध को अपनी काउंट डाउन में प्रकाशित किया है। उनका मानना है कि माइक्रोप्लास्टिक और प्रदूषक के चलते शिशुओं का ठीक से विकास नहीं हो रहा है जिसके चलते समाज का स्त्रीकरण हो रहा है। ऐसे समय में लिंग के साइज पर बात करना है बंद कमरों की चीज रही है, इस खुलासे ने चिंता को बढ़ा दिया है।

केमिकल की वजह से हो रहा हार्मोनल चेंज

केमिकल की वजह से हो रहा हार्मोनल चेंज

रिसर्च में सिर्फ पेनिस के साइज को लेकर ही चिंता नहीं जताई गई है। पिछले 40 या 50 वर्षों में पेनिस का साइज सिकुड़ने के साथ ही शुक्राणुओं की संख्या में भी 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।

डॉ स्वान का मानना ​​है कि शोथ में आए निष्कर्ष 'वैश्विक अस्तित्व संकट' पैदा करते हैं। शोध में संकेत किया गया है कि खाद्य पैकेजिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले फ़ेथलेट्स जैसे जहरीले रसायनों की बढ़ती संख्या इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है जो कुछ हानिकारक हार्मोन को पैदा करती हैं।

लैब रिसर्च में चौंकाने वाले परिणाम

लैब रिसर्च में चौंकाने वाले परिणाम

डेली स्टार के मुताबिक वह अपनी पुस्तक में लिखती हैं: "हमारे पर्यावरण में रसायन और हमारी आधुनिक अनहेल्दी लाइफस्टाइल हमारे हार्मोनल संतुलन को बाधित कर रही हैं, जिससे विभिन्न प्रकार के प्रजनन विनाश हो रहे हैं।"

उन्होंने लिखा बच्चे अब पैदा होने के साथ ही केमिकल से इन्फेक्टेड हैं क्योंकि वे गर्भ में ही इन पदार्थों को अवशोषित कर रहे हैं।

रिसर्च को चूहों के ऊपर आजमाया गया। जब इन चूहों के ऊपर लैब में इन केमिकल के संपर्क में लाया गया तो देखा गया कि उन्होंने नर बच्चों को छोटे प्रजनन अंगों के साथ जन्म दिया।

मानव जाति के लिए बन सकता है खतरा- रिसर्च

मानव जाति के लिए बन सकता है खतरा- रिसर्च

ये रसायन पर्यावरण या मानव शरीर में टूटने के लिए संघर्ष करते हैं, जिसका अर्थ है कि वे बच्चे के विकास पर व्यापक प्रभाव डालते हैं। डॉ. स्वान ने दावा किया कि इसके चलते मनुष्य जाति पर खतरा मंडरा रहा है।

वह लिखती हैं कि ऐसे पांच कारक हैं जो एक प्रजाति को 'लुप्तप्राय' के रूप में परिभाषित कर सकते हैं। इन पांच में से 'मनुष्यों के लिए मामलों की वर्तमान स्थिति' कम से कम तीन मिलती हैं।

दुनिया भर में पेनिस साइज को लेकर क्या कहती है रिसर्च

दुनिया भर में पेनिस साइज को लेकर क्या कहती है रिसर्च

पेनिस साइज को लेकर ये इकलौती रिसर्च नहीं है। हाल ही में ऑनलाइन फॉर्मेसी फ्रॉम मार्स के एक अध्ययन में 86 देशों के गूगल डेटा का इस्तेमाल करके दुनिया में सबसे बड़ी और सबसे छोटे औसत लिंग को लेकर अध्ययन किया गया।

अध्ययन की समीक्षा करने वाले फार्मासिस्ट नवीन खोसला ने कहा "हम में से अधिकांश ने कभी न कभी सोचा है कि क्या हमारा पेनिस पर्याप्त बड़ा है।" उन्होंने आगे कहा "लिंग का आकार आत्मविश्वास और खुद की छवि पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।"

ये है दुनिया का सबसे लंबा और छोटा पेनिस साइज

ये है दुनिया का सबसे लंबा और छोटा पेनिस साइज

अध्ययन के अनुसार पेनिस साइज के मामले इक्वाडोर के पुरुष सबसे अधिक संपन्न हैं। इरेक्शन की स्थिति में उनके लिंग का साइज औसतन 6.93 इंच होता है जो कि दुनिया के औसत से 10 प्रतिशत से अधिक है। वहीं कंबोडियाई लोगों के पेनिस का आकार दुनिया में सबसे छोटा है। यह केवल 3.95 इंच लंबा होता है।

ओनलीफैंस पर पेज देख बॉस ने नौकरी से निकाला, अब इसी प्लेटफॉर्म से हर महीने लाखों कमा रहींओनलीफैंस पर पेज देख बॉस ने नौकरी से निकाला, अब इसी प्लेटफॉर्म से हर महीने लाखों कमा रहीं

Comments
English summary
top scientist warns the existence of humanity in crisis
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X