'नहीं सोचा था भगवान मेरे सामने...' बजरंगबली को पक्षकार बनाया तो कोर्ट ने कही ये बात, क्या है पूरा मामला?
देश की राजधानी दिल्ली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे या फिर शायद हैरान होंगे। निजी मंदिर के एक मामले में शख्स ने संकटमोचन हनुमान जी को पक्षकार बना दिया। इसके बाद मामले की सुनवाई हुई और कोर्ट ने जो कहा, वो चर्चा का विषय बना हुआ है।
दरअसल, राजधानी के सूरज मलिक नाम के शख्स की निजी जमीन पर एक मंदिर बना हुआ है, जहां लोग पूजन-अर्चन करते आते हैं। इस मंदिर में हनुमान जी के अलावा भी कई सारे भगवानों की मूर्तियां मौजूद हैं। मगर अंकित मिश्रा नाम के एक शख्स ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। चलिये जानते हैं आखिर ये याचिका दायर क्यों की गई।

दरअसल, दायर याचिका में कहा गया है कि सूरज मलिक, जिनकी जमीन पर मंदिर है, वे लोगों की पूजा अर्चना पर रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं। अब शख्स ने कोर्ट में दायर याचिका में हनुमान जी का जिक्र करते हुए उन्हें भी अपीलकर्ता बना डाला।
हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए साफतौर पर कहा कि निजी मंदिर में अगर जनता पूजा-अर्चना करती है तो ये सार्वजनिक मंदिर नहीं बन जाता। ऐसे में याचिका खारिज की जाती है। ऐसे में कोर्ट में संपत्ति को कब्जाने के इरादे से सांठगांठ का मामला बताते हुए जस्टिस सी हरि शंकर ने इस अपील को खारिज कर दिया।
अदालत ने अंकित मिश्रा के उस दावे का भी जिक्र किया, जिसमें उसने कहा था कि वो भगवान हनुमान का बचाव करने के हकदार हैं। कोर्ट ने इसे सरासर गलत बताया। इसके बाद कोर्ट ने शख्स पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगा दिया। हरि शंकर ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि भगवान एक दिन मेरे सामने वादी बनेंगे। हालांकि इस बात का शुक्र है कि ये ईश्वरीय शक्ति का मामला प्रतीत होता है।
कोर्ट ने अंकित मिश्रा को सूरज मलिक को इस राशि की लागत का भुगतान करने का आदेश दिया। अब ये मामला सुर्खियों में है।












Click it and Unblock the Notifications