सफेद तारे ने खुद को किया खत्म, पूरी ग्रह प्रणाली हुई बाधित, VIDEO देखकर चकराया वैज्ञानिकों का सिर
नई दिल्ली, 18 जून। अंतरिक्ष में कई ऐसी घटनाएं होती हैं जिसे देख वैज्ञानिकों का भी माथा चकरा जाता है। वैज्ञानिकों ने अपनी आखों से कुछ ऐसा ही देखा है, जिसको लेकर वो आश्चर्य में हैं। हबल स्पेस टेलीस्कॉप और अन्य नासा वेधशालाओं के अभिलेखीय डेटा में सामने आई तस्वीरें स्पेस की दुर्लभ तस्वीरों में से एक है, जिसने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

वैज्ञानिकों ने पहली बार देखी घटना
एक सफेद तारा अपने जीवन को इतनी हिंसक रूप से समाप्त कर रहा है कि वो पूरे ग्रह प्रणाली को बाधित कर रहा है। यह ब्रह्मांडीय घटना पहली बार खगोलविदों ने देखी है।

सफेद तारे ने खुद को किया समाप्त
खुद का समाप्त करने से पहले सफेद बौना तारा चट्टान-धातु और बर्फीले पदार्थ का उपभोग कर रहा है। इस घटना की जानकारी हबल स्पेस टेलीस्कॉप और अन्य नासा वेधशालाओं के अभिलेखीय डेटा के अध्ययन से हुई है।

अंतिम समय में खतरनाक हुआ सफेद तारा
अध्ययन सफेद तारा के हिंसक चरण की जानकारी देता है। साथ ही यह पता चलता है कि शुरुआत के 100 मिलियन वर्षों के भीतर क्षुद्रग्रह बेल्ट और कुइपर बेल्ट जैसे क्षेत्रों से सामग्री को एक साथ पकड़ने और उपभोग करने में सक्षम हैं। लेकिन इस शोध में सफेद बौने तारे द्वारा खपत अनुमानित कुल द्रव्यमान एक क्षुद्रग्रह या छोटे चंद्रमा के द्रव्यमान से अधिक नहीं हो सकता। शोधकर्ता अब से लगभग 5 अरब साल बाद, सूर्य के विकास के अंतिम परिदृश्य को देख रहे हैं।

स्पेस डेटा के अध्ययन से हुई जानकारी
ब्रह्मांडीय नरभक्षण की इस घटना जानकारी हबल स्पेस टेलीस्कॉप और अन्य नासा वेधशालाओं के अभिलेखीय डेटा की सहायता से किया गया। शोधकर्ताओं ने सफेद बौने तारे G238-44 के वातावरण में कैप्चर की गई तस्वीरों को विश्लेषण कर निष्कर्ष निकाला।

ऐसे बनता है सफेद तारा
दरअसल, सफेद बौना तारा तब बनता है जब सूर्य जैसा कम द्रव्यमान वाला तारा अपने अधिकांश परमाणु ईंधन को समाप्त कर देता है। यह आमतौर पर बहुत घना होता है और एक ग्रह के आकार के बारे में होता है।












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