Fact Check: सीएम सिद्धारमैया का Dance Video! क्या सच में तस्वीरें रीयल, जानिए हकीकत
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का डांस करते एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि सीएम कर्नाटक का एक लोक नृत्य काफी अच्छी तरह करना जानते हैं।

कर्नाटक में नई सरकार के गठन हो चुका है। सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने मंत्रिमंडल में शामिल किए गए अधिकारियों ने पद की सपथ ले ली। हाल के दिनों में हुए चुनाव में हिमाचल के बाद कर्नाटक दूसरा राज्य है जहां कांग्रेस की सरकार बनी है। ऐसे में सीएम सिद्धारमैया का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है वो लोक नृत्य कला के जानकार हैं। आइए जानते हैं कि वीडियो को लेकर किया गया दावा तथ्यों की कसौटी पर कितना खरा उतरता है।
वायरल वीडियो में दावा किया जा है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) लोक नृत्य कला में कुशल है। वे अच्छी तरह का मैसूर का एक लोकनृत्य कर लेते हैं। बता दें कि सीएम सिद्धारमैया का पैतृक मैसूर में ही है। लिहाजा वीडियो में दावा ये भी किया जा रहा है कि कांग्रेस नेता मैसूर में अपने पैतृक गांव जाते हैं और वहां एक उत्सव में अन्य प्रतिभागियों के साथ डांस करते हैं।
वीडियो के जब अन्य सोशल साइट्स पर सर्च किया गया, तो इसका सच सामने आया। पड़ताल में पाया गया कि वीडियो में दिख रहा सख्स मैसूरु का किसान चन्नामहागौड़ा है, सीएम सिद्धारमैया नहीं। वीडियो में दिख रहा व्यक्ति की शक्ल सीएम सिद्धारमैया से काफी मिलती जुलती है।

इससे पहले ये वीडियो 2018 में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मार्च 2018 में बैंगलोर मिरर की मार्च 2018 की एक रिपोर्ट में भी इसी वीडियो को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई, जिसमें इस दावे को गलत बताया गया था। रिपोर्ट में कहा गया कि लोकनृत्य करने वाला शख्स 55 वर्षीय मैसूर का किसान चन्नमयीगौड़ा है। जब 2018 में ये वीडियो सामने आया था तब भी सिद्धारमैया कर्नाटक के सीएम थे।
वहीं एक अन्य रिपर्ट के मुताबिक चन्नमयीगौड़ा ने 2013 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में सिद्धारमैया के खिलाफ चुनाव लड़ा था और बाद में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे। सर्च करने पर 1 मार्च, 2018 का यूट्यूब पर एक वीडियो मिला, जिसमें एक न्यूज चैनल की ओर से किसान चन्नामयिगोड़ा का एक वीडियो साक्षात्कार किया गया था, जिसमें उन्होंने बताया कि ये नृत्य मैसूर के कगलीपुरा में कार्यशाला में किया गया था। मौका एक कृषि कार्यक्रम के दौरान हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का था।












Click it and Unblock the Notifications