मुंबई लोकल की 'चॉकलेट वाली दादी' के पास 48 घंटे में पहुंचा NGO, महिला ने कही दिल जीत लेने वाली बात
नई दिल्ली, 08 सितंबर। मुंबई लोकल ट्रेन में एक वृद्ध महिला का चॉकलेट बेंचते वीडियो वायरल होने के बाद 48 घंटे में एक एनजीओ वे दादी को खोज लिया। लेकिन स्वाभिमानी दादी अभी किसी भी सहायता लेने के मूड में नहीं है। एनजीओ से दादी ने जो कहा वो हर एक व्यक्ति के लिए प्रेरणा है और भिक्षावृ्त्त करने वालों के लिए संदेश है। दादी अपने उम्र के इस पड़ाव में खुद के मेहनत की खाती हैं। दो दिन ढूंढने के बाद जब एक एनजीओ ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया तो दादी ने दिल जीत लेने वाली बात कही।

NGO ने दादी के लिए बढ़ाया हाथ
एक एनजीओ से जुड़े हरतीरथ सिंह करीब 48 घंटे के प्रयास के बाद मुंबई लोकल ट्रेन में चॉकलेट बेंचने वाली दादी से मिलने में सफल रहे। उन्होंने दादी से मुलाकात के बाद कहा, 'बहुत प्रयास के बाद जब आज आखिरकार हमें वह मिल गई, तो हमें आश्चर्य हुआ कि दादी जी ने किसी भी तरह की आर्थिक मदद से इनकार कर दिया। फिर हमने वो सारी चॉकलेट खरीदी जो वो बेच रही थी।'

दादी ने मदद लेने से किया इनकार
हरतीरथ सिंह दादी से काफी देर तक बात की। उन्हें सहायता देने का प्रयास किया। लेकिन दादी ने मना कर दिया। एक अन्य ट्वीट में हरतीरथ सिंह ने लिखा, 'दादी ने दृढ़ निश्चय, समझौता न करने वाली आत्म-मूल्य और जीवन के लिए एक ईमानदार प्रेम का परिचय दिया जो उन्हें अलग करता है। अब हम हर हफ्ते दादी से मिलेंगे और उनकी हर संभव मदद करने की कोशिश करेंगे।'

चॉकलेट बेंचते वीडियो वायरल
ट्रेन में चॉकलेट बेचते एक बुजुर्ग महिला का वीडियो हाल ही में वायरल हुआ था। वीडियो मुंबई लोकल में शूट किया गया था। वीडियो महिला मुस्कुराते हुए यात्रियों से मिलकर उसे चॉकलेट खरीदने का आग्रह कर रही है। इस दौरान कई लोग चॉकलेट लेने से मना कर देते हैं। लेकिन 'दादी' मुसुकुराते हुए आगे बढ़ जाती हैं और वो दूसरे यात्री से चॉकलेट लेने का आग्रह करती हैं।

वीडियो मिले 8 लाख 84 हजार से अधिक व्यूज
ये वीडियो इंस्टाग्राम पर एक फोटोग्राफर मोना खान के अकाउंट @mona13khan से पोस्ट किया गया, जिसे अब तक 8 लाख 84 हजार से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। इसे को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने पहले अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया था। जिसे 1 लाख 18 हजार से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। स्वाती मालीवाल ने कैप्शन में लिखा, "किसी की जिंदगी आराम है, संघर्ष किसी की जिंदगी का नाम है। ये महिला और इनके जैसे हज़ारों लोग जो मेहनत कर दो वक्त की रोटी कमाते हैं, हो सके तो उनसे सामान जरूर खरीदें"।

'चॉकलेट वाली दादी' का संदेश
भारत में सरकारों के तमाम प्रयासों के बावजूद भिक्षवृत्ति बंद नहीं हो रही है। देश का एक ऐसा वर्ग है, जिसका भारत के विकास में योगदान शू्न्य है। मुंबई लोकल में चॉकलेट बेंचकर अपना जीवन यापन करने वाली महिला का वीडियो ऐसे लोगों के लिए गंभीर संदेश है, जिसने एनजीओ की मदद ना लेकर खुद की मेहनत से अपना खर्च चलाते रहने का निर्णय लिया।
We found Dadi ji- with your support!😊
— Harteerath Singh Ahluwalia (@HarteerathSingh) September 7, 2022
After 48 hours of day and night search and some 12 changes of local trains in Mumbai today, we finally found Dadi ji. pic.twitter.com/DpwAnuWKKB
किसी की ज़िंदगी आराम है, संघर्ष किसी की ज़िंदगी का नाम है। ये महिला और इनके जैसे हज़ारों लोग जो मेहनत कर दो वक्त की रोटी कमाते हैं, हो सके तो उनसे सामान ज़रूर खरीदें। pic.twitter.com/zKXU3oIE8w
— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) September 5, 2022












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