ड्यूटी पर 'बोर' हो रहे सिक्योरिटी गार्ड का कारनामा, करोड़ों की पेटिंग का कर दिया 'कबाड़ा'

नई दिल्ली, 10 फरवरी: जैसा की आपको पता है कि सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती किसी खास मकसद से की जाती है। चाहे वो किसी सामान की रक्षा करना हो या फिर इंसान को सुरक्षा देनी हो, लेकिन एक रशियन आर्ट गैलरी में लगे सुरक्षा गार्ड ने कुछ ऐसा कारनामा किया है, जिसको सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएंगे। ड्यूटी से बोर हो रहे गार्ड ने करोड़ों रुपए की पेंटिंग को पल भर में खराब कर डाला। क्या है पूरा मामला पढ़िए खबर...

सिक्योरिटी गार्ड ने खराब की कीमती पेंटिंग

सिक्योरिटी गार्ड ने खराब की कीमती पेंटिंग

जी हां, इसे सुनकर आपके भी होश फाख्ता हो गए ना। दरअसल, पश्चिम-मध्य रूस में एक आर्ट गैलरी में तैनात सिक्योरिटी गार्ड पर एक कीमती पेंटिंग को खराब करने का आरोप लगाया है, जो बिल्कुल सच है। बताया जा रहा है कि वो अपनी ड्यूटी से ऊब गया था यानी बोर हो गया था, जिसके बाद उसने आर्ट गैलरी में रखी पेटिंग से छेड़खानी करना शुरू कर दिया।

7.47 करोड़ रुपए की पेंटिंग हुई बर्बाद

7.47 करोड़ रुपए की पेंटिंग हुई बर्बाद

जानकारी के मुताबिक बोर हुए सुरक्षा गार्ड ने कथित तौर पर अपने काम के पहले ही दिन एक मिलियन डॉलर यानी 7.47 करोड़ रुपए की पेंटिंग को बर्बाद कर दिया। गार्ड ने एक बॉलपॉइंट पेन की मदद से पेंटिंग में तीन फेसलेस आकृतियों में से दो पर कलाकारी कर डाली, उसने उन फेसलेस आकृतियों पर आंखें बना दी, क्योंकि वह बुरी तरह 'बोर' हो गया था।

बॉलपॉइंट पेन की मदद से पेंटिंग पर बनाई आंखें

बॉलपॉइंट पेन की मदद से पेंटिंग पर बनाई आंखें

खबरों के अनुसार घटना पश्चिम-मध्य रूस के येकातेरिनबर्ग शहर में बोरिस येल्तसिन राष्ट्रपति केंद्र की है, जहां यह पेंटिंग लगाई गई थी। जहां गैलरी की और कलाकृतियों को इसी तरह की छेड़खानी से सुरक्षित बचाने के लिए उसे नौकरी से निकाल दिया गया। घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब वहां आए दो गेस्ट ने देखा कि किसी ने उन पेंटिंग को खराब कर दिया है, तो इसकी सूचना उन्होंने एक गैलरी कर्मचारी को दी।

जानिए पेटिंग का इतिहास

जानिए पेटिंग का इतिहास

पेटिंग के इतिहास की बात करें तो रूसी अवंत-गार्डे कलाकार काजिमिर मालेविच के छात्र अन्ना लेपोर्स्काया ने इसे 1932 और 1934 के बीच बनाया था। ट्रीटीकोव गैलरी संग्रह में 'थ्री फिगर्स' नामक पेंटिंग को प्रदर्शित किया गया था। आरोप लगाया गया है कि बोर हो चुके सुरक्षा गार्ड ने पेंटिंग में दर्शाई गई तीन आकृतियों में से दो के चेहरों पर बॉलपॉइंट पेन से आंखें बना दीं। वहीं पेंटिंग को इसके पुराने वैभव को वापस लाने के लिए विशेषज्ञ इस पर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञ के अनुसार पेंटिंग को लंबे समय तक नुकसान के बिना अपने मूल रूप में ठीक किया जा सकता है और वे इस पर काम कर रहे हैं। जिसे ठीक करने में लगभग ढाई लाख का खर्च होगा।

(फोटो ट्विटर)

सुरक्षा गार्ड को बर्बरता के आरोप का करना पड़ा सामना

सुरक्षा गार्ड को बर्बरता के आरोप का करना पड़ा सामना

रिपोर्ट के मुताबिक बताया जा रहा है कि गार्ड ने बीते 7 दिसंबर, 2021 को पेंटिंग के साथ छेड़छाड़ की थी। निजी कंपनी के सुरक्षा गार्ड जिसके नाम की जानकारी नहीं है, उसकी उम्र 60 साल बताई जा रही है। कथित तौर पर उसे निकाल दिया गया है। पेंटिंग को 7 दिसंबर, 2021 को 'द वर्ल्ड एज नॉन-ऑब्जेक्टिविटी, द बर्थ ऑफ ए न्यू आर्ट' प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने बर्बरता की जांच शुरू की, जिसमें रूसी रूबल 40,000 यानी 39,900 रुपए का जुर्माना और एक साल की सुधारात्मक श्रम की सजा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+