OMG! परंपरा के नाम पर 15 दिनों तक मंदिर में रखा जाता है टॉपलेस
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नई दिल्ली। भारत में अलग-अलग रीति-रिवाज और परंपराएं है। यहां लोग परंपरा के नाम कई बार अंधविश्वास को जन्म दे देते हैं। आस्था के नाम पर शोषण होने लगता है। ऐसा ही कुछ दक्षिण भारत के मंदिर में देखने को मिला, जहां परंपरा के नाम नाम पर लड़कियों को टॉपलेस रखा जाता है। जी हां मदुरै के मंदिर में 15 दिनों तक लड़कियों को बिना कपड़ों के रहना होता है। लड़कियों को देवी के रूप में सजाया जाता है, लेकिन उनके शरीर के ऊपरी हिस्से पर कोई कपड़ा नहीं होता। हालांकि इस बार प्रशासन ने इस परंपरा के खिलाफ सख्ती दिखाई और लड़कियों के शरीर को पूरी तरह से ढकने का आदेश दिया।

मंदिरों में लड़कियों को रखते हैं टॉपलेस
मदुरै के मंदिरों में सालों से इस परंपरा को लोग मानते चले आ रहे है। रीति-रिवाज के नाम पर 15 दिनों तक 7 या उससे अधिक लड़कियों को देवी के रूप में सजाया जाता है। उनकी पूजा की जाती है। लेकिन लड़कियों के शरीर के ऊपरी हिस्से पर कोई कपड़ा नहीं होता। उन्हें शरीर के ऊपरी हिस्से को सिर्फ गहने और बालों से ढ़का जा सकता है। उन्हें देवी रूप में पूजा जाता है।

दो हफ्तों तक टॉपलेस
तमिलनाडु के मदुरै स्थित मंदिर से ऐसी ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां हर साल 15 दिन तक लड़कियों को मंदिर में टॉपलेस रखा जाता है। हालांकि इस दौरान लड़कियों से किसी भी तरह का दुर्व्यवहार नहीं होता। ये टॉपलेस लड़कियां पिछले 15 दिनों से वहां थीं। मंदिर के पुजारी उन लड़कियों की देखभाल और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाते हैं।

परिवारवाले खुद भेजती हैं अपनी बच्चियां
दरअसल मदुरै में ये परपंरा सालों से चली आ रही है, जहां लड़कियों को देवी की तरह सजाते हैं, उन्हें गहनों से लाद देते हैं, लेकिन उनकी छाती पर एक भी कपड़ा नहीं था। उसे सिर्फ आभूषणों से ढ़का जाता है। इन लड़कियों की देखरेख पुजारी करते हैं। सबसे हैरान करने बात तो ये है कि घरवाले ही इसके लिए अपनी लड़कियों को भेजते हैं। लेकिन इस बार प्रशासन ने सख्त एक्शन दिया और प्रशासन ने लड़कियों को पूरा बदन ढ़कने का आदेश दिया है। ताकि इस हालत में उनके साथ किसी प्रकार की छेड़खानी न हो सके।












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