'क्रेजी आंटी', मिलिए बांग्लादेश की इस इकलौती रिक्शा चालक से
बांग्लादेश की अकेली रिक्शा चालक मोसम्मत जैसमिन ने तामम रुढ़िवादी विचारों को ताख पर रखकर अपने लिए रास्ता बनाया।
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज जिस महिला से आपको मिलवाने जा रहे है उनके बारे में सुनकर आप गर्व महसूस करेंगे। बांग्लादेश के मोसम्मत जैसमिन देश की अकेली महिला है जो रिक्शा चलाती हैं। जैसमिन बांग्लादेश की इकलौती महिला रिक्शा चालक हैं। बांग्लादेश की अकेली रिक्शा चालक जैसमीन ने तामम रुढ़िवादी विचारों को ताख पर रखकर अपने लिए रास्ता बनाया।

बंग्लादेश देश जैसे बेहद पिछड़े देश में जिस तरह से जैसमिन ने अपनी साख बनाई उसे देखकर आप उन्हें सलामी करेंगे। बांग्लादेश के चटगांव शहर में 45 साल की मोसम्मत को रिक्शा चलाती है। उन्हें लोग 'क्रेजी आंटी' के नाम से बुलाते है। जैसमिन बताती है कि उनके पति द्वारा दूसरी शादी किए जाने के बाद वो अपने तीन बच्चों के साथ अलग हो गई, जिसके बाद उन्होंने अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए रिक्शा चलाना शुरू किया और रिक्शा चालक का काम शुरू कर दिया।
मोसम्मत ने पहले किराए पर लेकर रिक्शा चलाना शुरू किया। लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। लोग उनके लिए तरह-तरह की बातें करते थे। सबसे खास बात की ये वो रिक्शा चलाते वक्त हेल्मेट लगाती है। वो रोजाना करीब आठ घंटे रिक्शा चलाती हैं और करीब 500 रुपए कमा लेती हैं। वो कहती है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। काम काम होता है। जैसमिन को देखने वाले अब उनकी मिसाल देते है। वो दूसरी महिलाओं को भी काम करने के लिए प्रेरित करती है। वो कहती हैं कि किसी के आगे हाथ फैलाने से बेहतर है कि आप अपने हाथ-पैर का इस्तेमाल कर खुद इज्जत की रोटी कमाए।












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