कंपनी ने 50 लोगों के दिमाग में डाली अनोखी चिप, क्या 'न्यूरोपोर्ट' बदल देगा लोगों की जिंदगी?
NeuroPort Array on human brain: अमेरिका की एक कंपनी ने दर्जनों लोगों के दिमाग में एक चिप इम्प्लांट की है। माना जा रहा है कि ये चिप शारीरिक परेशानियों से जूझ रहे लोगों की जिंदगी बदलने में मददगार हो सकती है।

NeuroPort Array: बीते कुछ दिन पहले एआई के गॉडफादर कहे जाने वाले ज्योफ्री हिंटन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को खतरा बताते हुए कहा था कि वे अपने काम पर पछता रहे हैं। बीते महीने गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने भी एआई को लेकर बड़ा बयान दिया था।
कंट्रोल होंगे रोबोट्स
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर ये बयान ऐसे ही नहीं दिये जा रहे हैं। लोगों में इसके बढ़ते क्रेज को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले समय में एआई इंसानी दिमाग की बराबरी कर लेगा। इस बीच एक खबर सामने आई है कि अब एआई के खतरों से निपटने के लिए कुछ ऐसी तकनीकें काम में लाई जा रही हैं, जिनके जरिये रोबोट्स पर भी कंट्रोल किया जा सकेगा।
क्या है न्यूरोपोर्ट ऐरे?
जी हां! हाल ही में अमेरिका की एक कंपनी ब्लैकरॉक न्यूरोटेक ने न्यूरोपोर्ट ऐरे का आविष्कार किया है। ये एक ब्रेन चिप है, जिसे कंपनी ने 50 लोगों में इम्प्लांट किया है। कहा जा रहा है कि इस चिप के जरिये रोबोट पर भी कंट्रोल हासिल किया जा सकेगा। इसके साथ ही इसके इस्तेमाल से दिमाग के संकेत पढ़ने और रोबोटिक अलार्म पर कंट्रोल पाया जा सकता है।
डिप्रेशन को ठीक करने में मददगार
हैरानी की बात तो ये है कि इसे डिप्रेशन ठीक करने में भी मददगार माना जा रहा है। इसके साथ ही इससे फिजिकल पैरालिसिसि और ब्लाइंडनेस को भी ठीक करने में मदद मिलेगी। ये सभी उम्मीद कंपनी के वैज्ञानिक जता रहे हैं। डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी साल्ट लेक सिटी के को-फाउंडर मारकस गेरहार्ड्ट के मुताबिक हम अकेले ऐसी कंपनी हैं जिसने इंसानों में डायरेक्ट ब्रेन बीसीआई इम्प्लांट किए हैं।
क्या है बड़ी चुनौती?
बताते चलें कि इस चिप के दिमाग जैसी ही सिग्नल मिलते हैं। इसके बाद मशीन में लगाए गए रोबोटिक्स है्ंड के जरिये सारे काम किये जाते हैं। इस चिप के लिए अगली चुनौती एफडीए से मंजूरी लेना है। चिप से शारीरिक परेशानियों से जूझ रहे काफी लोगों को मदद मिल सकती है।












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