OMG: 70 साल की उम्र में मां बनी ये महिला, शादी के 45 साल बाद घर में गूंजी किलकारियां, जानें कैसे हुआ चमत्कार
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर। भगवान के घर देर हैं अंधेर नहीं ये कहावत आपने कई बार सुनी होगी। ऐसा ही कुछ 70 साल की महिला के साथ हुआ है। 45 वर्षों से संतान के लिए तरस रही महिला को 70 साल की उम्र में पहली बाद मां बनने का सुख मिला है। शादी के 45 साल बाद इस बुजुर्ग दंपत्ति के घर किलकारियां गूंजी हैं। दादी बनने की उम्र में महिला के मां बनने की खबर सुनकर हर कोई शॉक है।

70 साल की उम्र में बुजुर्ग महिला बनी मां
दरअसल, गुजरात के कच्छ के रापर तहसील केमोरा गांव की 70 वर्षीय जिवुबेन वलभाई रबारी को बुढ़ापे में मां बनने का सुख मिला है। शादी के 45 सालों के बाद घर में किलकारी गूंजने की वजह से उनके रिश्तेदार ही नहीं पूरा गांव खुशी से झूम रहा है।

शादी के 45 साल बाद तक नहीं हुआ कोई बच्चा
ये पति पत्नी गांव में दूध बेचने का काम करते हैं। 45 साल तक बहुत कोशिश की लेकिन इन्हें मां बाप बनने का सुख नहीं मिला। उम्र के आखिरी पड़ाव में पति ने बाप बनने की सारी उम्मीद भी छोड़ दी थी लेकिन जिवुबेन को जो भी पता चलता वो प्रयास करना शुरू कर देती थी। 84 की उम्र में दादी मां ने उड़ाया प्लेन, Shocking वीडियो देख आप भी बोलेंगे 'एज इज जस्ट अ नंबर'

20 साल पहले पीरियड भी हो गया था बंद
आपको जानकर ताज्जुब होगा लगभग 20 साल पहले जिवुबेन वजभाई को पीरियड आना भी बंद हो गए थे। इसके बावजूद ये महिला अपनी उम्मीद नहीं खोई क्योंकि उनके परिवार में कई बच्चे आईवीएफ से हुए थे। करीब 1 साल पहले इस वृद्ध कपल ने गायनकॉलजिस्ट से संपर्क किया और डॉक्टर ने उन्हें IVF के जरिये बच्चा कंसीव करने का तरीका बताया लेकिन आईवीएफ करवाने में इस महिला की उम्र अडंगा बन रही थी।

डॉक्टरों के मना करने पर भी महिला ने जोखिम लिया
लेकिन महिला ने इस उम्र में अपनी जान पर जोखिम लेकर मां बनने की जिद ठान ली। इसके बाद बुजुर्ग अशिक्षित जोड़े ने डॉ. नरेश भानुशाली से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि दंपति की उम्र काफी ज्यादा है। इनको बच्चा होने की कोई उम्मीद नहीं थी। डाक्टर ने जिवुबेन को समझाया कि जितनी भी महिलाओं को आईवीएफ से बच्चे हुए उनकी उम्र 40 से 45 साल थी। ऐसे में IVF कामयाब हो पाया लेकिन जिवुबेन की उम्र 70 है जिसमें ये नामुमकिन है। लेकिन जिवुबेन ने अपनी जिद्द नहीं छोड़ी । जिसके बाद डॉक्टर ने जिवुबेन का ट्रीटमेंट शुरू किया।

जानें कैसे हुआ ये चमत्कार
डॉ. नरेश भानुशाली ने बताया 70 साल की जिवुबेन के पीरियड्स 50 की उम्र में ही बंद हो थे। इंजेक्शंस के जरिये जिवुबेन के पीरियड्स शुरू करवाए गए। उम्र की वजह से उसकी यूट्रस सिकुड़ गया था। इसके बाद यूट्रस में सिर्फ 1 एम्ब्र्यो डाला गया जबकि आमतौर पर IVF में कई एम्ब्र्यो एक साथ डाले जाते हैं। ताकि उनमें से किसी एक से गर्भधारण हो सके। लेकिन जिवुबेन की उम्र में उनकी बच्चेदानी सिर्फ एक ही एम्ब्र्यो झेल सकती थी लेकिन डॉक्टर का ये प्रयास सफल हुआ। जब 15 दिन बाद टेस्ट किया गया तो उनकी प्रेंगनेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी जो एक चमत्कार से कम नहीं था।

बीपी बढ़ने पर डॉक्टर को करना पड़ा ऑपरेशन
70 वर्ष उम्र होने के कारण महिला की प्रेंगनेंसी का समय बहुत कठिनाई से गुजरा। ब्लड प्रेशर भी बढ़ता रहा लेकिन डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी कर बच्चे की डिलीवरी करवाकर मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित बचा लिया। डॉक्टर ने आगे बताया कि बच्चे के जन्म लेने के बाद दंपति काफी खुश है। डाक्टर ने कहा मेरी नॉलेज में ये इतनी अधिक उम्र में ऐसा पहला केस है।

अकेले ही बच्चे की ये दोनों कर रहे देखभाल
इस उम्र में मां बनने वाली महिला ने कहा 'भगवान ने हमारी प्रार्थना सुन ली। मैं और मेरे पति ही अपने नवजात बच्चे की देखभाल कर रहे हैं। भगवान और डॉक्टर की मैं शुक्रगुजार हूं कि उनकी वजह से मुझे मां बनने का इस जीवन में सुख मिला।

पहले हरियाणा की इस महिला ने 70 की उम्र में बच्चों को दिया था जन्म
बता दें भारत में ये पहला केस नहीं हैं। 19 अप्रैल को हरियाणा की दलजिंदर कौर, जिनकी उम्र 70 वर्ष है उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया था। कौर और उनके 79 वर्षीय पति मोहिंदर सिंह के लिए यह पहला बच्चा था। शादी के करीब पांच दशक बाद उनके घर में किलकारियां गूंजी थी। दलजिंदर ने कहा था "मैं अपने बच्चे को पालने में सक्षम होने के लिए धन्य महसूस कर रही हूं। दलजिंदर कौर ने हरियाणा के एक फर्टिलिटी क्लीनिक में अपने 79 वर्षीय पति के साथ 2 साल तक आईवीएफ तकनीक से इलाज कराया है और शादी के 46 साल बाद मां बनी।












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