बंदर की इस लाजवाब सेल्फी का असली मालिक कौन ?

जी हां, बंदर की सेल्फी। अब सिर्फ हम, आप और फिल्मी सितारे ही सेल्फी नहीं ले रहे, बल्कि सेल्फी का शौक जानवरों पर भी चढ़ गया है। वहीं, इस बंदर की यह सेल्फी ने एक नए विवाद को भी जन्म दे दिया है। एक ओर जहां इस सेल्फी पर विकीपीडिया अपना हक जता रहा है। वहीं, एक फोटोग्राफर भी इसे अपना बता रहा है।
घटना कुछ इस तरह हुई कि, डेविड स्लेटर नाम का एक फोटोग्राफर जंगलों में इस प्रजाति के बंदरों की तस्वीरें ले रहा था कि तभी एक बंदर ने उसके हाथ से कैमरा छिन लिया और बेतरतीबी से एक साथ कई फोटो खींच लीं। उन तस्वीरों में से कुछ तस्वीरें काफी अद्भुत थीं, जिनमें से एक यह सेल्फी काफी लोकप्रिय हुई।
वहीं, विकीपीडिया इस तस्वीर को अपने पेज से हटाने के लिए तैयार नहीं है। उसका मानना है कि इस तस्वीर का असली मालिक बंदर खुद है, न कि वह फोटोग्राफर, क्योंकि यह तस्वीर बंदर ने खुद क्लिक की है।
लेकिन स्लेटर वीकिपीडिया की इस कदम पर कानूनी कार्रवाई करने का प्लान कर रहे हैं। स्लेटर का कहना है कि वीकिमीडिया द्वारा इस फोटो का इस्तेमाल करना और इसे पब्लिक के लिए फ्री कर देना काफी उनके लिए काफी नुकसान भरा कदम साबित हुआ। बंदर ने जिस कैमरे का इस्तेमाल किया था, वह उनका था। उनका कहना है कि इस तरह की तस्वीरें काफी मेहनत से सालों में एक मिल पाती है। और इसके लिए वे विकीमीडिया पर 30,000 डॉलर तक जुर्माना लगाने का केस कर सकते हैं।
स्लेटर ने अपने अनुभव को बांटते हुए बताया कि 'जब वह तस्वीर लेने पहुंचे तो कई बंदर उनके कैमरे और दूसरी चीजों पर कूद रहे थे। तभी उनमें से एक बंदर का हाथ कैमरे के बटन पर पड़ गया। कैमरे के क्लिक की आवाज से वह बंदर काफी प्रभावित हुआ, वह उसे मजेदार लगा। जिसके बाद उसने लगातार कैमरे के बटन को दबाना जारी रखा।'
बहरहाल, यह विवाद जारी है कि बंदर की इस लाजवाब सेल्फी का असली मालिक कौन है।












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