Levi's की यह जींस 71 लाख रुपए में हुई नीलाम, जानिए आखिर क्यों है इतनी कीमती?
1880's Levi's dirty jeans: जींस जो दुनिया में सबसे ज्यादा पसंदीदा आउटफिट में शुमार है। जो हर ऐज ग्रुप की पहली पसंद होती है। उसकी क्वालिटी पर उसकी कीमत डिपेंड करती है। अमूमन इसकी कीमत सौ से लेकर हजारों तक में होती है, लेकिन सोशल मीडिया पर इन दिनों एक जींस चारों तरफ चर्चा हो रही है, जिसकी कीमत में कोई भी शख्स एक आलीशान बंगला खरीद सकता है। जी हां, जिस जींस की कीमत की बात यहां हो रही है, वो एक दो लाख नहीं बल्कि 71.67 लाख रुपए की है।

सैन डिएगो के रहने वाले शख्स ने खरीदी
बेशक आप कीमत सुनकर शॉक्ड जरूर हो गए होंगे। और इस जींस को अमेरिका के कैलिफोर्निया स्टेट के सैन डिएगो के रहने वाले शख्स ने खरीदी है। जिसकी तस्वीरें शेयर इंस्टाग्राम पर शेयर की गई। फोटो में जींस अपने हालत खुद-ब-खुद बयां कर रही है। जींस पूरी तरह से मैली है और फटी हुई।

1880 की जींस की हुई नीलामी
दरअसल, 1 अक्टूबर को न्यू मैक्सिको में इस जींस की नीलामी हुई थी। जिसमें एक व्यक्ति ने साल 1880 की एक जोड़ी जींस खरीदी है। जो लिवाइस कंपनी की जींस है। उस शख्स ने नीलामी में 76,000 डॉलर यानी की करीब 71 लाख रुपए की बोली लगाकर इस जींस को अपने नाम किया है।

अब तक की सबसे महंगी जींस
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जींस को खरीदने वाले शख्स का नाम काइल हाउपर्ट है। जिसकी उम्र करीब 23 साल है। जो कैलिफोर्निया के सैन डिएगो का रहने वाला है, जो विंटेज कपड़ों का डीलर है। 71 लाख रुपए में काइल हाउपर्ट द्वारा खरीदी गई यह जींस अबतक की सबसे महंगी बिकने वाली जींस है।

पड़ी खदान में दबी मिली Levi's की दुर्लभ जींस
यह जींस इतनी महंगी क्यों बिकी है, दरअसल यह जींस 1880 के दशक की है, जो अमेरिका में मौजूद बंद पड़ी खदान में दबी मिली थी। जिसके बाद इसकी नीलामी की गई, नीलामी में काइल हाउपर्ट ने सबसे ज्यादा बोली लगाकर इस जींस के पेयर को 71 लाख रुपए की कीमत का भुगतान करके अपने नाम किया है। कहते हैं कि ये 1880 के दशक की Levi's की जीन्स इतनी दुर्लभ हैं कि आज के समय के कुछ अन्य जोड़े ही मौजूद हैं।

पहनने वाली स्थिति में नहीं है जींस
यह जींस पहनने वाली स्थिति में नहीं हैं, लेकिन खदान में मिली यह जीन्स को कुछ मामूली मरम्मत के साथ पहना जा सकता है। उन्होंने कहा कि हैरिस ने "पांच साल तक 50 बंद पड़ी खानों में देखा है, लेकिन ऐसी समान क्वालिटी की जींस की एक भी जोड़ी नहीं है। इतना ही नहीं जींस के अंदर एक लेबल होता है जिसमें लिखा होता है: "एकमात्र प्रकार जो श्वेत लेबर द्वारा बनाया जाता है," Levi's द्वारा 1882 के चीनी बहिष्करण अधिनियम के बाद अपनाया गया एक नारा, जिसने चीनी श्रमिकों को अमेरिका में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया।












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