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पति के Character पर करती थी शक, बोलती थी करवा दूंगी ट्रांसफर, फिर Highcourt ने सुनाया अहम फैसला

सी जयंत राव ने जानकारी दी कि इस मामले में हाईकोर्ट ने कहा है कि पत्नी का पति के दफ्तर में बार-बार पहुंच जाना और अभद्र भाषा के साथ माहौल बिगड़ना करना भी क्रूरता की श्रेणी में आएगा।

बिलासपुर, 30 अगस्त। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक मामले में पति को पत्नी की प्रताड़ना से मुक्ति दिलाने अहम फैसला सुनाया है। बताया जा रहा है कि महिला ने अपने पति पर दूसरी महिला से अनैतिक संबंध होने के आरोप लगाकर प्रताड़ित करती थी। जानिए पूरा मामला

बोलती थी करवा दूंगी ट्रांसफर

बोलती थी करवा दूंगी ट्रांसफर

पत्नी अपने पति का शक करती थी,वह कहती थी कि तुम्हारे किसी और महिला के साथ अवैध संबंध हैं ,मैं मंत्री से शिकायत करके तबादला करवा दूंगी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिला के इस बर्ताव को क्रूरता माना है। इसके साथ ही फैमिली कोर्ट द्वारा तलाक को मंजूरी दिए जाने के विरुद्ध पत्नी की अपील खारिज कर दी है।

वकील सी जयंत राव ने बताया कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की युगल पीठ ने पत्नी की तरफ से अपने पति के खिलाफ मंत्री से शिकायत और तथ्यहीन तौर पर एक महिला सहकर्मी के साथ अनैतिक संबंध के आधार पर पति के तबादला का दावा करने को क्रूरता की श्रेणी में माना है।

पहुंच जाती थी दफ्तर, करती थी हंगामा

पहुंच जाती थी दफ्तर, करती थी हंगामा

सी जयंत राव ने जानकारी दी कि इस मामले में हाईकोर्ट ने कहा है कि पत्नी का पति के दफ्तर में बार-बार पहुंच जाना और अभद्र भाषा के साथ माहौल बिगड़ना करना भी क्रूरता की श्रेणी में आएगा। कोर्ट ने फैसले में कहा है कि इस प्रकार अपनी पत्नी की प्रताड़ना का परेशान पति तलाक लेने का हकदार है. उन्होंने जानकारी दी कि न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी और न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल की डबल बैंच ने दिए गए तलाक के खिलाफ पत्नी की अपील को खारिज करते हुए, फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है।

जानिए पूरा किस्सा,आखिर क्या चल रहा था पत्नी पत्नी के बीच ?

जानिए पूरा किस्सा,आखिर क्या चल रहा था पत्नी पत्नी के बीच ?

वकील राव ने बताया कि धमतरी जिले के कुरुद में पोस्टेड एक सब-इंजीनियर ने साल 2010 में रायपुर की एक विधवा महिला से विवाह किया था। विवाह के बाद उनके घर में एक बच्चे ने भी जन्म लिया। समय बीतने के साथ पति-पत्नी के रिश्तों में कड़वाहट आ गई। उन्होंने बताया कि महिला ने पति पर उसके माता-पिता से दूर रहने का दबाव बनाती थी।

इस कारण से पति को अपने माता-पिता से दूर रहना पड़ा। वकील ने बताया कि कुछ वक़्त बाद महिला ने अपने अधिकारी पति पर सहकर्मी के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाया और कई दफा अपने पति के ऑफिस पहुंच कर हंगामा भी किया। महिला इस दौरान अपने पति की सबके सामने बेज्जती भी करती थी।

महिला ने मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र

महिला ने मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र

राव के मुताबिक कि महिला अपने पति को निरंतर मानसिक और दैहिक तौर से प्रताड़ित करती रही। उसने अपने पति पर आधारहीन आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करके उसका ट्रांसफर करने के लिए पत्र भी लिखा। इस घटना के बाद पति के सब्र का बांध टूट गया। उसने तलाक के लिए परिवार न्यायालय में अर्जी लगाई।

परिवार न्यायालय, रायपुर ने सभी तथ्यों को सुनकर और सबूतों के आधार पर 17 दिसंबर 2019 को तलाक का आदेश पारित कर दिया। परिवार न्यायालय में तलाक अर्जी मंजूर होने के आदेश को चुनौती देते हुए पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। वकील ने बताया कि पत्नी ने कोर्ट के समक्ष पति के साथ रहने की इच्छा जाहिर करते हुए दावा किया था कि पति ने उससे बिना वजह तलाक ले लिया है, जिसके कारण उसे और उसके बेटे को जीवन यापन करना कठिन हो गया है।

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