VIDEO: 17 पोते-पोतियों की एक साथ शादी करवाने वाले दादा का इंटरव्यू, बताया एक और तगड़ा प्लान
17 Bhai Bahan ki Shadi: राजस्थान के बीकानेर जिले की नोखा तहसील के गांव लालमदेसर छोटा में 17 पोतों-पोतियों की एक शादी करने के बाद अब दादा सुरजाराम गोदारा अगला प्लान बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं।
वनइंडिया हिंदी से बातचीत में सुरजाराम गोदारा ने अपने संयुक्त परिवार, एक अप्रैल को 5 पोतों व 2 अप्रैल को 12 पोतियों की एक साथ शादी के समारोह के सफल आयोजन और अगले प्लान के बारे में बताया।

सुरजाराम गोदारा ने बताया कि उनके पांच बेटे हैं। ओमप्रकाश गोदारा, गोविंद गोदारा, भागीरथ गोदारा, मानाराम गोदारा व भैराराम गोदारा हैं। सबको चार ट्यूबवेल लगवाकर दे रखी हैं, जिनसे ये खेती करते हैं।
पांचों भाई अभी भी संयुक्त परिवार में रहते हैं। जहां-जहां नलकूप बने हैं वहां बेटे अपने-अपने बच्चों के साथ रहते हैं। मुख्य घर से राशन भेजा जाता है। खास बात यह है कि परिवार में कोई भी बड़ा फैसला बेटों से बातचीत करके सुरजाराम गोदारा लेते हैं।
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रिश्ते फाइनल करने में लगे दो साल
सुरजाराम गोदारा कहते हैं कि पांच बेटों के 17 बेटा-बेटी विवाह योग्य हो गए थे। एक साथ ही सबके रिश्ते देखने शुरू किए। सगाई करने व शुभ मुहूर्त दो साल लगे और फिर साल 2024 में एक अप्रैल व दो अप्रैल को सबकी शादी कर दी।
एक अप्रैल को सुरजाराम गोदारा पांच पोतों की बारात दो गांवों में गई थी। दूसरे दिन दो अप्रैल को छह गांवों से 12 पोतियों की बारात आई। शादी के बाद सभी 17 पोते-पोतियों का एक साथ आशीर्वाद समारोह हुआ।

चार हजार मेहमानों के लिए बना भोजन
अपने खेत में चार बीघा जमीन पर विशाल टेंट लगाया गया, जहां शादी का सारा आयोजन हुआ। लग्न-टीका, भात समेत कई रस्मे निभाई गई। 4000 से ज्यादा मेहमानों का भोजन तैयार करवाया गया। पूरे गांव ने सुरजाराम के पोते-पोतियों की शादी में विभिन्न व्यवस्थाएं संभालने में सहयोग किया।
ये सुरजाराम गोदारा का नया प्लान
सुरजाराम गोदारा कहते हैं कि 17 पोते-पोतियों के बाद अब अब नया प्लान 11 पोते-पोतियों की एक साथ शादी करना है। हालांकि ये 11 पोते-पोती अभी शादी लायक नहीं हुए हैं। वरना 17 भाई-बहनों के साथ ही इनकी भी शादी कर देते हैं। शेष 11 पोते-पोतियों की उम्र पांच साल बाद विवाह योग्य हो जाएगी।

एक शादी पर आया पांच लाख का खर्च
सुरजाराम कहते हैं कि 17 चचेरे भाई-बहनों की एक साथ शादी करने के पीछे मकसद संयुक्त परिवार का संदेश देना और शादी के नाम कम खर्च करना है। 17 की एक साथ शादी करने की वजह से एक शादी पर पांच-पांच लाख रुपए खर्च आया है, अगर 17 की अगल-अलग समय में शादी करते तो एक ही शादी खर्च ही 20 लाख रुपए तक पहुंच जाता। एक साथ भोजन, एक साथ कार्ड छपवाने समेत कई कामों में पैसे बचे हैं।

17 की एक साथ शादी से बना रिकॉर्ड?
एक ही परिवार के 17 बेटे-बेटियों की एक साथ का यह राजस्थान में संभवतया पहला मामला है। हालांकि खुद सुरजाराम कहते हैं कि हम दावा तो नहीं करते कि 17 की एक शादी करने वाला हमारा परिवार पहला है, मगर हमारे जाटों में 10-12 बेटे-बेटियों की एक साथ शादी के कई मामले में पहले भी सामने आ चुके हैं।













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