यूपी: अदालत में जज के सामने हुए गोलीकांड पर हाईकोर्ट खफा, प्रमुख गृह सचिव समेत आलाधिकारी तलब
बिजनौर। यूपी में बिजनौर जिला अदालत में कोर्टरूम में घुसकर सुनवाई के समय जज के सामने हत्यारोपी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है और स्वयं संज्ञान लेते हुए यूपी के प्रमुख गृह सचिव, डीजीपी सहित पुलिस अधिकारियों को 20 दिसंबर को तलब किया है। कोर्ट ने जिला जज की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है।

कोर्ट में आलाधिकारी तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट में दो जजों की एक खंडपीठ ने राज्य सरकार से अदालतों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने कहा है कि जब अदालतें सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है। कोर्ट ने बार काउंसिल व बार एसोसिएशन से भी सुझाव देने की अपील की है। याचिका पर सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।

अदालत में शूटआऊट
17 दिसंबर को सीजेएम बिजनौर की अदालत में पेशी पर आये हत्या के आरोपी दो कैदियों पर कोर्ट में फायरिंग की गयी जिसमें एक की मौत हो गयी और कुछ लोग घायल हो गए थे। पिता की हत्या का बदला लेने के लिए बेटे ने दो लोगों के साथ मिलकर इस शूटआऊट को अंजाम दिया। तीनों कोर्ट से भाग रहे थे कि पुलिस ने उनको पकड़ लिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुए इस हत्याकांड से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कोर्ट परिसर की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी बिजनौर ने चौकी इंचार्ज समेत 19 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।

अखिलेश और प्रियंका ने कसे तंज
कोर्ट में हुई इस घटना पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी सरकार की खिंचाई की। अखिलेश यादव ने कहा कि कोर्ट में हुई घटना से पता चलता है कि एनकाउंटर वाली सरकार का बदमाशों पर कितना असर है। जहां न्यायधीशों को जान बचाकर भागना पड़ रहा वहां जनता की सुरक्षा कैसे होगी। वहीं प्रियंका गांधी ने इसे प्रदेश में अपराधराज बताया और ट्विटर पर लिखा कि यूपी में कानून व्यवस्था अपराधियों के हाथ में है।












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