Bihar Election 2025: बिहार चुनाव में BJP-NDA को क्यों मिल रही हैं इतनी सीटें? जानिए जीत के ये बड़े कारण
Bihar Election 2025 Update: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे एक बार फिर साबित कर गए कि महिलाओं का वोट 'ब्रह्मास्त्र' बन चुका है। एनडीए (भाजपा-जेडीयू) को एकतरफा बहुमत मिल रहा है, जहां भाजपा 85 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जेडीयू ने 76 सीटों के साथ दूसरा स्थान बना रखा। हलांकि अभी फाइनल तस्वीर साफ होने में समय है।
वहीं, आरजेडी महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी 75 से घटकर सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, भाजपा 84, जेडीयू 77, आरजेडी 35, कांग्रेस 5 सीटों पर आगे चल रही है। प्रशांत किशोर की जनसुराज का खाता भी नहीं खुल पाया। एनडीए की जीत ने एक बार फिर उस 'ब्रह्मास्त्र' को चर्चा में ला दिया है, जो एंटी-इनकंबेंसी की अचूक काट बन गया है।

मध्य प्रदेश की 'लाड़ली बहना', महाराष्ट्र की 'लाड़की बहिन' और बिहार की 'जीविका दीदी' जैसी योजनाओं ने महिलाओं को सीधे लाभ देकर वोट बैंक में तब्दील कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये योजनाएं चुनाव से पहले महिलाओं के खाते में डाली गई राशि का कमाल हैं, जिसने विपक्ष की एकतरफा जीत के सपनों को चूर-चूर कर दिया।
मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक भाजपा और एनडीए को इतनी अधिक सीटें मिलने का यही राज है। आइए, जानते हैं एनडीए की जीत के पीछे महिलाओं का 'ब्रह्मास्त्र' कैसे काम किया - योजनाओं का असर, वोट शेयर, विश्लेषकों की राय और बिहार चुनाव की पूरी कहानी।
भाजपा सबसे बड़ी, जेडीयू का करिश्माई प्रदर्शन
चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, पांच राउंड की गिनती के बाद भाजपा 85 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन गई है, जो पिछले चुनाव में 74 सीटों से 11 सीटों की बढ़त है। जेडीयू ने अपना प्रदर्शन करिश्माई तरीके से सुधारा - 2020 में 43 सीटों से बढ़कर 76 सीटें। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 20, अन्य NDA सहयोगियों को बिखरी सीटें मिलीं। कुल एनडीए को 200 से अधिक सीटों पर बढ़त है, जो दो तिहाई बहुमत की ओर इशारा कर रही। आरजेडी को सबसे बड़ा झटका लगा - 75 से घटकर 35 सीटें। कांग्रेस 5, वाम दलों को 6, AIMIM को 5 और जनसुराज को 4 सीटें।
वोट शेयर: एनडीए 51%, महागठबंधन 38%, अन्य 11%। महिलाओं का वोट शेयर एनडीए को 55% मिला, जबकि महागठबंधन को 35%। विश्लेषक ने कहा, "महिलाओं ने एनडीए को किंगमेकर बनाया।"
'ब्रह्मास्त्र' महिलाओं का: लाड़ली बहना, लाड़की बहिन, जीविका दीदी - एंटी-इनकंबेंसी की काट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए की जीत का राज महिलाओं के लिए लक्षित योजनाएं हैं। ये
'ब्रह्मास्त्र' एंटी-इनकंबेंसी को नेस्तनाबूद कर रही हैं। पिछले 5 चुनावों में इनका प्रभाव साफ दिखा:
- मध्य प्रदेश (2023): लाड़ली बहना योजना (मासिक 1250 रुपये) ने महिलाओं को आकर्षित किया। भाजपा का वोट शेयर 41% से 50% बढ़ा, 163 सीटें जीतीं।
- महाराष्ट्र (2024): लाड़की बहिन योजना (मासिक 1500 रुपये) ने NDA को 0.5% वोट शेयर बढ़ाकर जीत दिलाई।
- झारखंड (2024): माईया सम्मान योजना (मासिक 1000 रुपये) ने JMM को किनारे पर धकेला।
- हरियाणा (2024): महिलाओं के लिए 2100 रुपये पेंशन ने BJP को बढ़त दी।
बिहार में जीविका दीदी: नीतीश कुमार की जीविका योजना ने 1.14 करोड़ महिलाओं को सशक्त किया। 90,000 जीविका दीदियों ने मतदान में सक्रिय भूमिका निभाई। NDA को महिलाओं से 45% वोट मिले। विश्लेषक ने कहा, "ये योजनाएं सीधे खाते में राशि डालती हैं, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाती हैं। विपक्ष के वादे (जैसे RJD का 2500 रुपये माई-बहिन मान) खोखले साबित हुए।"
एनडीए की जीत के अन्य फैक्टर: सुशासन, जातिगत गठजोड़, युवा वोट
महिलाओं के अलावा:
- सुशासन: नीतीश का इमेज - सड़क, बिजली, स्कूल। 54% वोटरों ने सुशासन को प्राथमिकता दी।
- जातिगत गठजोड़: EBC (27%) और OBC (51%) में NDA का 55% वोट।
- युवा वोट: 18-35 आयु वर्ग में NDA को 52%।
- विपक्ष की कमजोरी: RJD का मुस्लिम-यादव फोकस (44%) सीमित रहा। JSP ने 6% वोट काटे।
विश्लेषक ने कहा, "महिलाओं का ब्रह्मास्त्र + सुशासन = NDA की जीत।"
- बिहार चुनाव की पूरी कहानी: 243 सीटों पर NDA 200+, RJD को झटका
- 243 सीटों पर NDA 200+ पर मजबूत। RJD 75 से 35 पर सिमटी। कांग्रेस 5, वाम 6। JSP 4। प्रमुख जीत: नीतीश (दरभंगा), चिराग (जमुई)। हार: तेजस्वी (रघोपुर)।
महिलाओं का ब्रह्मास्त्र, एनडीए का जश्न
बिहार चुनाव NDA की जीत महिलाओं के 'ब्रह्मास्त्र' का कमाल है। लाड़ली बहना जैसी योजनाओं ने एंटी-इनकंबेंसी हराई। भाजपा 85, जेडीयू 76 - महाविजय। RJD को झटका। नीतीश दसवीं बार CM? हां। बिहार विकास की राह पर।












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