'कांग्रेस के साथ मिलकर BJP को 100 सीटों पर समेटने' वाले नीतीश ने राहुल के मामले पर क्यों साधी चुप्पी?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में कहा था कि कांग्रेस मेरा सुझाव लेकर साथ में चुनाव लड़ती है, तो भाजपा 100 सीटों से नीचे आ जाएगी, लेकिन कांग्रेस मेरा सुझाव नहीं मानती तो उन्हें पता है क्या होगा?

Rahul Gandhi Disqualified: राहुल गांधी को संसद से अयोग्य करार देने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र की भाजपा सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केज़रीवाल ने राहुल गांधी के समर्थन में भाजपा पर जमकर निशाना साधा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राहुल वाले मामले पर भारतीयत जनता पार्टी तीखा हमला बोला। उन्होंने का कहा कि भाजपा अपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को पार्टी में शामिल करती है और मंत्रिमंडल में जगह देती है। विपक्षी दलों के नेताओं को सिर्फ़ भाषणों की वजह से अयोग्य करार दिया जा रहा है। संवैधानिक लोकतंत्र के लिए यह बहुत ही शर्मनाक है।
बिहार के पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव ने भी राहुल गांधी मामले में भाजपा पर जुबानी हमला बोला। राहुल के समर्थन में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा क्या कर रही है, यह पूरे देश के लोग देख रहे हैं। साज़िश के तहत सब कुछ भाजपा के इशारे पर किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने राहुल मामले पर भाजपा पर निशाना साधा, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ़ से इस मामले में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। नीतीश कुमार की चुप्पी पर सियासी गलियारों में तरह तरह के सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
हालांकि JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन (ललन) सिंह ने पटना मीडिया से मुखातिब होते हुए राहुल गांधी मामले में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के संबंध में 24 घंटे के अंदर फैसला लेने से यह साफ ज़ाहिर होता है कि केंद्र सरकार हताश में है। लोकतंत्र की प्रक्रिया होती है, कार्ट का फैसला चुनाव आयोग में जाता है। चुनाव आयोग के ज़रिए स्पीकर के पास जाता है। सिर्फ 10 घंटे में ये सारी प्रक्रिया पूरा करने से दिखाता है कि इसमें केंद्र सरकार की भूमिका है। ललन सिंह के बयान आने के बाद भी लोगों को नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। दरअसल नीतीश कुमार ने हाल ही में विपक्ष की ताक़त को एकजुट कर भाजपा को 100 सीटों पर समेटने की बात कही थी।

विपक्ष के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी की सदस्यता जाने के बाद नीतीश कुमार की चुप्पी से चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो चुका है। वहीं इस पूरे मामले में सियासी जानकारों का कहना है कि नीतीश कुमार की कुंडली भाजपा ना खोल दे, इसलिए उन्होंने चुप्पी साध रखी है, वहीं दूसरी संभावना यह भी हो सकती है कि नीतीश कुमार फिर पलटी मार दें। नीतीश कुमार के पलटी इसलिए भी मार सकते हैं क्योंकि भाजपा कुशवाहा को इस्तेमाल कर जदयू की नींव कमज़ोर कर रही है। नीतीश कुमार संभावनाओं की सियासत करते हैं, इसलिए उन्होंने राहुल मामले पर चुप्पी साध रखी है।
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