कौन थे RJD नेता रह चुके राजकुमार राय, जो तेजस्वी यादव के खिलाफ लड़ने वाले थे चुनाव, अब सरेआम की गई हत्या
Rajkumar Rai alias Allah Rai Death: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजधानी पटना में सनसनीखेज वारदात ने सियासत गरमा दी है। बुधवार (10 सितंबर) देर रात राजद (RJD) नेता और कारोबारी राजकुमार राय उर्फ आला राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना पटना के मुन्नाचक इलाके की है, जहां अज्ञात हमलावरों ने राजकुमार राय पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। गंभीर हालत में उन्हें पीएमसीएच ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
यह हत्या ऐसे वक्त में हुई है जब राजकुमार राय आगामी विधानसभा चुनाव 2025 में तेजस्वी यादव के गढ़ राघोपुर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतरने की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन राजकुमार राय और कैसे हुई उनकी हत्या।

▶️ Who was Rajkumar Rai alias Allah Rai: कौन थे राजकुमार राय उर्फ आला राय?
🔹 राजकुमार राय उर्फ आला राय मूल रूप से वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के निवासी थे। राजकुमार राय पेशे से कारोबारी थे लेकिन लंबे समय से राजनीति में सक्रिय थे।
🔹 राजकुमार राय ने 2021 में राघोपुर जिला परिषद चुनाव में भी किस्मत आजमाई थी, लेकिन हार गए थे। पहले राजद से जुड़े रहे, बाद में इस्तीफा देकर स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश की।
🔹 राजकुमार राय इस बार वे तेजस्वी यादव के खिलाफ राघोपुर से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। परिवार वालों ने भी कहा है कि राजकुमार राय इस चुनाव में लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार थे।
🔹 राजकुमार राय की हत्या से राघोपुर की सियासत अचानक गरमा गई है। यहां से फिलहाल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विधायक हैं और माना जा रहा था कि राजकुमार राय निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उन्हें सीधी चुनौती देने की कोशिश में थे। उनकी हत्या ने चुनावी समीकरणों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
▶️ कैसे हुई राजकुमार राय उर्फ आला राय की हत्या?
पुलिस के मुताबिक, राय जैसे ही अपनी कार से घर पहुंचे, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों से बचने के लिए वे नज़दीकी होटल में घुसे, लेकिन हमलावर उनका पीछा करते हुए अंदर तक पहुँच गए और वहाँ भी कई राउंड फायरिंग की। गोली होटल के फ्रिज तक जा लगी, जिससे उसका शीशा चकनाचूर हो गया।
पटना ईस्ट के एसपी परिचय कुमार ने बताया कि घटना के पीछे फिलहाल भूमि विवाद की आशंका जताई जा रही है। राजकुमार राय जमीन से जुड़े कारोबार में सक्रिय थे और कई विवादों में उनका नाम सामने आया था। पुलिस ने उनके ड्राइवर और स्थानीय चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं, जबकि आसपास लगे सभी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा किए हैं और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। घटनास्थल से पुलिस ने छह खोखे बरामद किए हैं। सीसीटीवी फुटेज में अपराधियों के वारदात को अंजाम देकर भागते हुए दृश्य कैद हुए हैं।
▶️ परिवार और गांव वालों का क्या है आरोप?
मृतक राजकुमार राय की बहन शिला देवी ने कहा कि उनके भाई को चुनावी तैयारी के चलते लगातार धमकियाँ मिल रही थीं। उन्होंने दावा किया कि अपराधियों ने 8-10 गोलियाँ चलाईं। परिवार का आरोप है कि अगर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे लोग शव को सड़क पर रखकर विरोध करेंगे। गांववालों का कहना है कि राय विवादित जमीन की खरीद-फरोख्त में भी शामिल थे, जिससे उनके कई दुश्मन बने।
राजकुमार राय की हत्या सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि आने वाले बिहार चुनावों का एक बड़ा राजनीतिक संकेत भी है। सवाल यही है कि क्या यह हत्या सिर्फ जमीन विवाद का नतीजा है, या फिर राघोपुर की सियासत से जुड़े गहरे समीकरणों का हिस्सा?












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