सम्राट चौधरी किस जाति से हैं? घर-परिवार में कौन-कौन? पढ़ें बिहार के होने वाले नए CM का राजनीतिक सफरनामा
भारत की राजनीति में जाति और धर्म हमेशा से एक निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। वोट की राजनीति हो या सत्ता का गणित, हर चुनाव में यह सवाल उठता है कि कौन किस जाति से है और किस समुदाय का कितना समर्थन उसे मिलेगा। यही कारण है कि नेताओं का राजनीतिक सफर अक्सर उनकी जातिगत पहचान और सामाजिक पृष्ठभूमि से गहराई से जुड़ा होता है। बिहार जैसे राज्यों में तो यह समीकरण और भी अहम हो जाते हैं, जहां हर सीट पर जाति का संतुलन तय करता है कि किसका पलड़ा भारी रहेगा।
वनइंडिया हिंदी की खास सीरिज "जाति की पाति" में हम उन नेताओं के बारे में बताएंगे, जिनकी जाति, समुदाय और पारिवारिक पृष्ठभूमि ने उनके राजनीतिक करियर को दिशा दी। इस सीरिज के जरिए पाठक न सिर्फ नेताओं की निजी और सामाजिक जड़ों को जानेंगे, बल्कि यह भी देख पाएंगे कि किस तरह से जात-पात की गुत्थियां भारतीय लोकतंत्र को प्रभावित करती हैं। आज बात बिहार के फ्रायरब्रैंड नेता सम्राट चौधरी की।

बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी अक्सर चर्चाओं में रहे हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी अब बिहार के नए सीएम बनने वाले हैं। नीतीश कुमार के इस्तीफ के बाद 14 अप्रैल 2026 को उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है। लेकिन लोग सिर्फ उनके राजनीतिक पद के बारे में ही नहीं, बल्कि उनकी जाति, परिवार और अब तक के पूरे राजनीतिक सफर को लेकर भी जानना चाहते हैं। तो आइए, आपको बताते हैं कि सम्राट चौधरी कौन हैं, किस जाति से आते हैं और उनकी फैमिली बैकग्राउंड क्या है। (who is Samrat Choudhary in Bihar)
🔵 Samrat Choudhary Biography: कौन हैं सम्राट चौधरी?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सम्राट चौधरी बिहार की राजनीति का एक बड़ा नाम हैं। वर्तमान में बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री हैं। 15 अप्रैल को वह बिहार के सीएम के रूप में शपथ लेने वाले हैं। नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल 2026 को बिहार सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद भाजपा ने सम्राट चौधरी को बिहार का नया सीएम बनाने का ऐलान किया है।
सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले के लखनपुर गांव में हुआ था। बचपन से ही उनका माहौल राजनीतिक रहा, क्योंकि उनका परिवार राजनीति में बेहद सक्रिय था। बुनियादी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की है।
🔵 Samrat Choudhary Caste: सम्राट चौधरी किस जाति से हैं?
सम्राट चौधरी का जन्म कोइरी (कुशवाहा) जाति में हुआ है। कोइरी जाति बिहार की राजनीति में एक बड़ा और मजबूत वोट बैंक मानी जाती है। यही वजह है कि बीजेपी ने उन्हें लंबे समय से अपना OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) चेहरा बनाया हुआ है। राजनीति के जानकार मानते हैं कि सम्राट चौधरी को आगे लाकर बीजेपी सीधे तौर पर यादवों के मुकाबले कोइरी समाज को साधना चाहती है।
बिहार में यादव जाति लंबे समय से राजनीति पर हावी रही है। ऐसे में बीजेपी ने यादवों के विकल्प के तौर पर कोइरी जाति के नेता सम्राट चौधरी को आगे किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में सम्राट चौधरी को CM चेहरे के रूप में भी प्रोजेक्ट किया जा सकता है।
जुलाई 2024 में बीजेपी ने सम्राट चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया था, क्योंकि पार्टी का मानना था कि लोकसभा चुनाव 2024 में वे कोइरी वोट पूरी तरह बीजेपी के खाते में नहीं दिला पाए। हालांकि, उपमुख्यमंत्री का पद उनके पास बरकरार रहा।

🔵 Samrat Choudhary Family: सम्राट चौधरी का परिवार
सम्राट चौधरी का परिवार राजनीति में काफी पुराना और मजबूत रहा है। उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं। उनकी मां पार्वती देवी भी तारापुर विधानसभा से विधायक रही हैं।
सम्राट चौधरी की पत्नी का नाम ममता कुमारी है और उनके दो बच्चे हैं। यानी सम्राट चौधरी ने राजनीति विरासत में पाई और आज उसी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
🔵 Samrat Choudhary Political career: सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर
सम्राट चौधरी ने राजनीति में 1990 से सक्रिय कदम रखा। उनका सफर कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा है।
🔹 1999 - उन्हें राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बनाया गया।
🔹 2000 और 2010 - परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।
🔹 2010 - विधानसभा में विपक्ष का मुख्य सचेतक (Chief Whip) बनाए गए।
🔹 2014 - बिहार सरकार में शहरी विकास और आवास विभाग के राज्यमंत्री बने।
🔹 2017 - उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से अलग होकर बीजेपी का दामन थामा और पार्टी ने उन्हें बिहार प्रदेश का उपाध्यक्ष बनाया।
🔹 2020 - दूसरी बार विधान परिषद (MLC) के लिए चुने गए।
🔹 2021 - नीतीश सरकार में पंचायत राज मंत्री बने।
🔹 2022 - बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) नियुक्त हुए।
🔹 2023 - मार्च में उन्हें बिहार बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
🔹 2024 - नीतीश कुमार के साथ मिलकर बीजेपी की सरकार बनी तो उन्हें उपमुख्यमंत्री की कुर्सी मिली।
🔹 2025 - बिहार विधानसभा चुनाव में सम्राट चौधरी तारापुर सीट से जीतकर विधायक बने। उसके बाद NDA सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम और गृह मंत्री का पद दिया गया।
🔹 2026 - नीतीश कुमार के 14 अप्रैल 2026 को इस्तीफे के बाद अब सम्राट चौधरी बिहार के सीएम बनने वाले हैं। 15 अप्रैल को वो बिहार सीएम की शपथ ले सकते हैं।
🔹 2014 का बड़ा राजनीतिक दांव
साल 2014 में सम्राट चौधरी ने अचानक 13 विधायकों को तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में एक अलग समूह बनाने की कोशिश की थी। इस कदम ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली और यहीं से उनकी राजनीति का नया अध्याय शुरू हुआ।

🔵 Samrat Choudhary Controversy: सम्राट चौधरी विवाद और बयानबाजी
- सम्राट चौधरी का राजनीतिक करियर सिर्फ विकास कार्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वे अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं।
- 2021 में विधानसभा के भीतर स्पीकर विजय कुमार सिन्हा से तीखी बहस के बाद वे सुर्खियों में आए।
- 2023 में उन्होंने JDU अध्यक्ष ललन सिंह पर शराब परोसने का आरोप लगाया, जबकि बिहार में 2016 से शराबबंदी लागू है।
- कई बार उन्होंने नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव पर सीधे हमले बोले और खुद को ओबीसी समाज का असली नेता बताने की कोशिश की।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर एकदम फिल्मी कहानी की तरह है-कभी मंत्री बने, कभी विवादों में फंसे, कभी पार्टी बदली, लेकिन हर बार वे और मजबूत होकर राजनीति में लौटे। कोइरी समाज से आने वाले सम्राट आज बीजेपी के सबसे अहम OBC नेता हैं और बिहार की सत्ता के सबसे बड़े दावेदारों में से एक माने जाते हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों में उनकी भूमिका और भी अहम होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी उन्हें आगे कर बिहार की राजनीति में नया चेहरा पेश करती है या नीतीश कुमार के भरोसे ही चुनावी मैदान में उतरती है।












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