कौन हैं MLA मुकेश रोशन? PM मोदी की मां को ‘गाली’ विवाद में फंसे, FIR दर्ज होते ही Video जारी कर देने लगे सफाई
PM Modi Mother Abused Row: बिहार की सियासत इन दिनों एक नए विवाद को लेकर गरमाई हुई है। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर अपशब्द कहे जाने का है, जो तेजस्वी यादव की बिहार अधिकार यात्रा के दौरान सामने आया। इस विवाद में महुआ से राजद विधायक मुकेश रोशन भी घिर गए हैं और अब उन पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
एफआईआर में तेजस्वी यादव का भी है। सवाल उठता है-आखिर कौन हैं मुकेश रोशन और क्यों अचानक से चर्चा में आ गए हैं? आइए पूरा मामला और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि जानते हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद?
शनिवार (20 सितंबर) की रात तेजस्वी यादव वैशाली के महुआ के गांधी मैदान में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। भीड़ में मौजूद आरजेडी समर्थक बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इसी बीच कुछ लोगों ने कथित तौर पर पीएम मोदी की मां के खिलाफ अपशब्द कहे। सबसे हैरानी की बात यह रही कि तेजस्वी अपना भाषण देते रहे और मंच से इस पर कोई रोक-टोक नहीं की गई। यह घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और वीडियो वायरल होते ही बवाल मच गया।
बीजेपी का पलटवार और FIR
घटना सामने आते ही बीजेपी ने मोर्चा खोल दिया। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने लालू परिवार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राजद नेताओं को माफी मांगनी चाहिए, वरना जनता जवाब देगी। इसके साथ ही बिहार भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्ण सिंह कल्लू ने गांधी मैदान थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में न सिर्फ तेजस्वी यादव बल्कि महुआ विधायक मुकेश रोशन का भी नाम शामिल किया गया। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
सफाई में क्या बोले विधायक मुकेश रोशन?
विवाद बढ़ता देख महुआ विधायक मुकेश रोशन सामने आए और उन्होंने पूरा मामला साजिश करार दिया। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा कि तेजस्वी यादव का भाषण उनके फेसबुक पेज पर मौजूद है, जिसे कोई भी सुन सकता है। उस वीडियो में न तो कोई अपशब्द है और न ही ऐसी कोई हरकत। उनके मुताबिक वायरल वीडियो में तेजस्वी की आवाज तक नहीं है, बल्कि उसमें ऑडियो से छेड़छाड़ की गई है। रोशन ने जांच की मांग करते हुए कहा कि यह सब उन्हें और उनकी पार्टी को बदनाम करने की सोची-समझी चाल है।
आरजेडी का बयान
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भी बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास असल मुद्दों पर बात करने के लिए कुछ नहीं है। इसलिए अब प्रधानमंत्री की मां के नाम पर सियासत की जा रही है। उनका कहना है कि जिस वीडियो को आधार बनाकर विवाद खड़ा किया गया है, उसकी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
Who is Dr Mukesh Raushan: आखिर कौन हैं मुकेश रोशन?
महुआ से विधायक मुकेश कुमार रोशन, जिन्हें लोग मुकेश यादव के नाम से भी जानते हैं, राष्ट्रीय जनता दल के सक्रिय नेता हैं। ये राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश महासचिव भी हैं। उनका जन्म 12 मई 1985 को हाजीपुर, बिहार में हुआ। वे पेशे से दंत चिकित्सक हैं और 2007 में पटना के बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज एंड हॉस्पिटल से बी.डी.एस. की डिग्री हासिल कर चुके हैं। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वे पेशेवर डॉक्टर थे।
मुकेश रोशन ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में महुआ सीट से जीत हासिल की। उन्होंने जेडीयू की प्रत्याशी अशमा परवीन को मात देकर विधानसभा में एंट्री की। उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 9 करोड़ रुपये की है, जबकि करीब 3 करोड़ रुपये की देनदारियां भी दर्ज हैं। बताया जाता है कि वे 2025 के विधानसभा चुनाव में हाजीपुर सीट से किस्मत आजमा सकते हैं।
विवाद और राजनीति का समीकरण
बिहार की राजनीति में विवाद कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब बात प्रधानमंत्री और उनके परिवार से जुड़ी हो तो इसका असर दोगुना हो जाता है। इस पूरे प्रकरण ने न सिर्फ राजद को कटघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि विपक्ष को भी मजबूत हथियार दे दिया है। बीजेपी लगातार दबाव बना रही है और इस मुद्दे को चुनावी नैरेटिव में शामिल करने की तैयारी कर रही है। वहीं, राजद इसे राजनीतिक साजिश बताकर बचाव की कोशिश कर रही है।
नतीजा क्या होगा?
फिलहाल, मुकेश रोशन पर लगे आरोपों की जांच होनी बाकी है। अगर वीडियो असली साबित होता है, तो यह राजद के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो सकती है। वहीं, अगर रोशन की बात सही निकली और वीडियो एडिटेड पाया गया, तो बीजेपी की रणनीति पर सवाल उठेंगे। एक बात तो तय है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की सियासत का सबसे बड़ा सिरदर्द बनने वाला है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि 'पीएम मोदी की मां को गाली' विवाद का यह तूफान महुआ विधायक मुकेश रोशन के राजनीतिक करियर पर कितना असर डालता है और क्या वे अपनी सफाई से जनता और अदालत, दोनों को संतुष्ट कर पाएंगे।












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