'उनकी ना में ही तो हां है...', पुराने साथी जीतन राम मांझी ने नीतीश की PM दावेदारी पर ये क्या कह दिया?
Lok Sabha Election 2024: बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाज़ी का दौर जारी है। इसी क्रम में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ज़ुबानी हमला बोला है। बिहार के खगड़िया ज़िले में मीडिया से मुखातिब होते हुए जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संस्थापक जीतन राम मांझी ने सीएम नीतीश कुमार के महत्वकाक्षी वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बेंगलुरु में उन्हें (मुख्यमंत्री नीतीश कुमार) एक साफ रास्ता दिखाया गया था। इसी वजह से वह वह वापस आ गए थे। मुंबई में क्या होता है, देखते हैं।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार कहते हैं कि वह महत्वाकांक्षी नहीं हैं, यह उनकी, ना... में हां है। वहीं जीतन राम मांझी ने कहा कि जहां तक बिहार के मंत्री श्रवण कुमार का सवाल है, अगर वह कुछ कह रहे हैं, यह तो मान लीजिए कि यह नीतीश कुमार ही कह रहे हैं। अगर उनकी (नीतीश कुमार) की प्रधानमंत्री बनने की इच्छा नहीं थी, तो वह इतना क्यों घूमे?
जीतन राम मांझी के बयान पर आम लोगों ने कहा कि सभी दलों के नेता कुर्सी पाने के लिए ही सियासत करते हैं। जीतन राम मांझी का इतना जनाधार नहीं था कि वह मुख्यमंत्री पद की कुर्सी पर बैठ पाते। यह तो नीतीश कुमार की देन है कि उन्हें भी एक बार सीएम की कुर्सी का मज़ा लेने दिया। बिहार में उनकी पार्टी का इतना बड़ा वोट बैंक नहीं है कि वह सीएम बन पाते।

सियासी गलियारों में भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पद की कोई लालच नहीं वाले बयान पर चर्चा तेज़ है। लोगों का कहना है कि लालू यादव ने हाल ही में कहा था कि 'INDIA गठबंधन' कई कन्वेनर हो सकते हैं। लालू के इस बयान से भी लोग नीतीश कुमार के ना वाले बयान को जोड़कर देख रहे हैं।
सीएम नीतीश कुमार का बयान के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं कि नीतीश कुमार ख़ुद को फुल पॉवर में रखना चाहते हैं। अगर महागठबंधन में कई कन्वेनर होंगे तो नीतीश कुमार कमज़ोर पड़ जाएंगे, इसलिए वह किसी पद की महत्वकांक्षा नहीं रखने की बात कहते हुए सबको एकजुट रखने की बात कही है।












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