Watermelon Farming: मैदानी इलाके में तरबूज़ की खेती का नया प्रयोग, दूसरों को भी रोज़गार दे रहे रामकिशोर
Watermelon Farming: बिहार के किसान खेती पारंपरिक खेती से अलग नया प्रयोग कर लाखों रुपये का मुनाफ़ा कमा रहे हैं। किसान राम किशोर ने मैदानी इलाके में तरबूज़ की खेती का नया प्रयोग किया है।

Watermelon Farming In Samastipur: बिहार के युवा किसान खेती में नये-नये प्रयोग कर लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। आज हम आपको समस्तीपुर जिला के रहने वाले किसान राम किशोर सिंह के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने तरबूज की खेती से अपनी तस्वीर बदल ली है।
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राम किशोर तरबूज़ की खेती कर खुद तो मुनाफ़ा कमा ही रहे है, इसके साथ ही वह गांव के लोगों को भी रोज़गार दे रहे हैं। मैट्रिक की परीक्षा में कामयाबी नहीं मिलने पर रामव किशोर सिंह ने खेती में किस्मत आज़माई। 42 वर्षीय राम किशोर सिंह करीब 20 स,ल से ज़मीन लीज़ पर लकर खेती करते आ रहे हैं।
समस्तीपुर जिला के बेलारी (उजियारपुर प्रखंड) निवासी राम किशोर ने 15 लोगों को रोज़गार भी दिया है। राम किशोर की मानें तो खेती के ज़रिए आम दिनों में वह सवा लाख रुपये प्रति एकड़ की आमदनी कर रहे हैं। पहले उन्होंने अपने पिता की तरह पारंपरिक खेती में दांव आज़माया, लेकिन सही आमदनी नही हो पाई।
पारंपरिक खेती से अलग उन्होंने नया प्रयोग किया, करीब 4 बीघा ज़मीन लीज़ पर लिया और अलग तरीक़े से सब्ज़ियो की खेती शुरू की। पलवल, बैंगन, गाजर, टमाटर, हरी मिर्च के साथ-साथ तरबूज़ की खेती भी करने लगे। रामकिशोर के इस फ़ैसले से उनकी तकदीर बदल गई।
राम किशोर सिंह ने बताया कि आम तौर पर तरबूज़ की खेती नदी के ढाव वाले इलाके में की जाती है। उन्होंने सोचा की क्यों ना नॉर्मल ज़मीन पर तरबूज़ की खेती का प्रयोग किया जाए। इसलिए उन्होंने मिट्टी की जांच कराई और जरूरत के मुताबिक मिट्टी में जैविक खाद, वर्मी कंपोस्ट और गोबर मिलाया।
तरबूज़ की खेती के लिए ज़मीन तैयार करने के बाद उन्होंने प्रयोग के लिए तरबूज़ का बीज मंगाया और खेती शुरू की। राम किशोर सिंह का प्रयोग कामयाब हुआ, फसल अच्छा होने के साथ ही तरबूज़ की मिठास भी लाजवाब थी। किसान राम किशोर सिंह अभी तक करीब 1 हज़ार 200 क्विंटल तरबूज़ बेच चुके हैं।
राम किशोर सिंह ने बताया कि आस पास के लोगों को जब पता चला कि तरबूज़ की खेती गांव में ही हो रही है, तो वह खुद खेत पर पहुंच कर ही तरबूज खरीदा रहे हैं। आने वाले साल में वह बड़े पैमाने पर तरबूज़ की खेती करेंगे, क्योंकि जितना उन्होंने सोचा था, उससे ज्यादा आमदनी हो रही है।
किसान राम किशोर की मानें तो वह मौसम के मुताबिक अपने खेतों में फ़सल लगाते हैं। ऐसा करने से उन्हें हर साल सवा लाख रुपये प्रति एकड़ मुनाफा होता है। उन्होंने ने बताया कि अब ऑर्गेनिक फलों और सब्जियों की मांग बढ़ने लगी है, इसलिए वह ऑर्गेनिक खेती पर ज़ोर दे रहे हैं। इससे मुनाफा भी हो रहा है।
राम किशोर सिंह ने बताया कि उन्होंने खेती के मुनाफ़ से ही घर बनवाया, ज़मीन खरीदी और बच्चे को अच्छी तालीम भी दे रहे है। खेती से मुनाफा की बात की जाए तो रामकिशोर सिंह अपनी लागत के अलावा सालाना क़रीब तीन लाख रुपये तक की आमदनी कर रहे हैं। इसके साथ ही गांव के लोगों को भी रोज़गार दे रहे हैं।












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