Voter Adhikar Yatra का आज समापन, TMC की तरफ से यूसुफ पठान होंगे शामिल, पटना में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन
Voter Adhikar Yatra: बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के समापन को भव्य बनाने के लिए आरजेडी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरा जोर लगाया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कार्यकर्ताओं को लाया गया है और पटना में भारी जुटान होगा। आखिरी दिन टीएमसी की तरफ से यूसुफ पठान इसमें शामिल होंगे। विधानसभा चुनाव से पहले यह पटना में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन है। लोकसभा चुनाव के बाद से इंडिया गठबंधन की एकता पहली बार वोटर लिस्ट संशोधन मुद्दे पर ही देखने को मिली है।
वोटर लिस्ट संशोधन मुद्दे पर शुरू हुआ संघर्ष अब 'वोट चोरी' के मुद्दे तक पहुंच गया है। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए कांग्रेस के साथ ही आरजेडी ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। तमिलनाडु के सीएम स्टालिन और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी इस यात्रा में शामिल हुए थे। अब तक लेफ्ट पार्टी के नेता भी लगातार यात्रा में डटे हुए हैं।

Voter Adhikar Yatra ने तय कर दी बिहार चुनाव की दिशा
बिहार विधानसभा चुनाव में वोटर अधिकार यात्रा ने काफी हद तक दिशा तय कर दी है। हालांकि, यह मुद्दा अभी जनता के बीच कितना प्रभावी है, यह नतीजों के बाद ही पता चलेगा। वोटर अधिकार यात्रा के नाम पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में एकजुटता और चुस्ती नजर आने लगी है। वहीं यह भी तस्वीर साफ होती दिख रही है कि विधानसभा चुनाव में महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ने वाला है। इसने कहीं न कहीं चुनाव तैयारियों को लेकर नए सिरे से एनडीए में भी मंथन शुरू हो गया है। नीतीश कुमार की सक्रियता पहले से बढ़ गई है और पिछले सप्ताह उन्होंने दिल्ली का भी एक चक्कर लगाया है।
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INDIA Alliance के लिए असली चुनौती अभी शुरू
वोटर अधिकार यात्रा में जुटी भीड़ और एकजुटता इंडिया अलायंस के लिए उत्साही खबर जरूर है, लेकिन इससे आगे की यात्रा और मुश्किलों से भरी होगी। वोटर अधिकार यात्रा से मिले मोमेंटम को चुनाव तक बरकरार रखना मुश्किल होगा। इसके अलावा, फिलहाल सीट बंटवारे से लेकर बूथ मैनेजमेंट जैसे मुद्दे हैं जिनका निपटारा गठबंधन के स्तर पर करना है। तेजस्वी यादव के बार-बार खुद को सीएम घोषित करने के बावजूद भी कांग्रेस ने अब तक उनके नाम पर मुहर नहीं लगाई है। कहीं न कहीं कार्यकर्ताओं के बीच इसे लेकर असमंजस की स्थिति है। अब देखना होगा कि यहां से आगे के चुनावी सफर के लिए कांग्रेस और आरजेडी क्या रणनीति बनाते हैं।
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