PICs: बिहार के इस गांव में एक साथ लगने लगे 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे, आतंकियों के 100 सिर की मांग तेज
पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया गया और सरकार से ये मांग की जाने लगी कि अब तो आतंकियों का सिर चाहिए। एक साथ गांव भर में आतंकियों के 100 सिर की मांग तेज हो गई है।
पटना। आतंकियों की गोली के निशाने में शहीद हुए बिहार के भागलपुर जिले के रहने वाले एयर फोर्स जवान निलेश कुमार के पार्थिव शरीर को कल उनकी जन्म भूमि पर लाया गया। जिसे देखने के बाद लोगों के दिलों में गुस्सा और आंखों में आंसू छलक रहा था तो जैसे ही शहीद नीलेश का शव सुल्तानगंज के उदाड़ीह गांव पहुंचा उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग जमा हो गए और तो और जमा हुए सभी लोगों ने एक साथ निलेश जिंदाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। तो दूसरी तरफ नीलेश की पत्नी मासूम बच्चे को गोद में लिए बार-बार उसका शव देखते ही बेहोश हो जा रही थी तो उसकी बहन के साथ-साथ पूरे परिवार वालों का हाल भी कुछ वैसा ही था, जिसे देखने के बाद वहां उपस्थित सभी लोगों के आंखों से आंसू छलकने लगता था। लेकिन इन आंसुओं के बीच उनकी पत्नी और बहन ने वहां मौजूद सभी लोगों के साथ आवाज से आवाज मिलाते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया गया और सरकार से ये मांग की कि अब हमारे निलेश को तो लौटाया नहीं जा सकता लेकिन इसके बदले में हमें सौ पाकिस्तानी आतंकियों का सर चाहिए। तभी हमारे शहीद भाई की आत्मा को शांति मिलेगी। अब हम आपको दिखाते हैं शहीद के अंतिम दर्शन में उमड़े लोगों और उनके परिवार वालों की कुछ तस्वीरें जो बयां कर रही हैं मातम और चीख पुकार की हकीकत...
गांव में लगने लगे 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' ने नारे
बेटे का बदला मांगा दस सिर
आतंकियों के सिर की सरकार से मांग
शहीद का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन


आपको बता दें कि कल दोपहर के वक्त जब शहीद निलेश का शव उनके गांव पहुंचा तो गांव वालों के साथ-साथ दूरदराज के लोग भी उन्हें देखने के लिए यहां पहुंच चुके थे और तो और उनके परिवार वालों के हालात पर सभी की आंखों से आंसू टपक रहा था। लेकिन जैसे ही शहीद की पत्नी और बहन ने अपने निलेश की लाश देखी दहाड़ मार कर रोने लगी। जिसे देखने के बाद वहां उपस्थित सभी लोगों ने एक सुर में 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' चिल्लाना शुरू कर दिया। तो शहीद की बहन मां और पत्नी के साथ-साथ पूरे परिवार ने सरकार से ये मांग की कि अब पाकिस्तान से आर पार की लड़ाई होनी चाहिए। हमें अपने बेटे की मौत का गम नहीं है पर ये गम तभी भरेगा जब निलेश के बदले 100 पाकिस्तानियों का सिर हिंदुस्तान आएगा।



काफी देर तक शहीदों के मौत का मातम मनाते हुए लोग जब उसके पार्थिक शरीर को अंतिम संस्कार करने के लिए गंगा घाट ले जाने लगे तो वहां उपस्थित कुछ लोगों ने घंटों तक उसकी लाश को रोक लिया क्योंकि कुछ लोगों का कहना था कि नीलेश का गांव में स्मारक बनाया जाएगा। हालांकि गांव वालों की इस मांग को सुनते हुए भागलपुर प्रशासन ने उन्हें ये आश्वासन दिया कि गांव में शहीद नीलेश का स्मारक बनाया जाएगा। जिसके बाद गांव वाले निलेश की लाश को सुल्तानगंज गंगा घाट ले गए जहां शहीद निलेश को गॉर्ड ऑफ ऑनर देने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी की गई थी। जिसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार हुआ और छोटे भाई ने उसे मुखाग्नि देते हुए उनके पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन किया।


आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में बुधवार की सुबह 5 बजे आतंकियों के साथ मुठभेड़ में निलेश आतंकियों की गोली का शिकार हो गए थे। जिसमें दो एयर फोर्स के जवान भी शहीद हो गए थे। बिहार के भागलपुर के सुल्तानगंज के रहने वाले गरुड़ कमांडो कॉर्पोरल निलेश कुमार शामिल थे। वो अपनी पत्नी और बच्चे के साथ चंडीगढ़ स्थित एयरफोर्स कैंप में रहते थे लेकिन विभागीय निर्देश के बाद जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में आर्मी कैंप में ट्रेनिंग देने के लिए गए थे जहां आतंकियों का हमला हुआ और वो शहीद हो गए।












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