चचेरे भाई ने भाइयों का अपहरण कर एक को बेचा तो दूसरे को ईंट से कूचकर मार डाला
वैशाली। बिहार के वैशाली जिले में हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां चचेरे भाई ने अपराधियों के साथ मिलकर गरीब परिवार के दो बेटों का अपहरण कर लिया। इसके बाद उसने बड़े बेटे को मौत के घाट उतार कर उसके शव को मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र में जलकुंभी में फेंक दिया। वहीं पुलिस की सक्रियता के चलते परिवार के छोटे बेटे को सही सलामत बरामद कर लिया गया। पुलिस ने दो महिलाओं समेत सभी नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ कर रही है।

बता दें बिदुपुर के मुस्तफापुर गांव की सीमा देवी, पति रामानन्द चौरसिया ने 24 सितंबर को बिदुपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई कि उसके दो बेटे सत्यम और विक्की को अगवा कर लिया गया है। दोनों बच्चों का अपहरण खेलते वक्त किया गया। सीमा देवी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में संजीत कुमार, छोटू उर्फ सोनू और अखिलेश कुमार को आरोपित किया गया था।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस दोनों बच्चों की लगातार खोजबीन कर रही थी। इसी दौरान अपहरणकर्ताओं ने पीड़ित परिवार से ढाई लाख की फिरौती मांगी। सूत्रों का कहना है कि हाजीपुर जढुआ के किसी निसंतान दंपती से ढाई लाख में बिदुपुर के एक फरार अपराधी मुकुल ने बच्चे को बेचने के लिए बात की थी और उसी ने सीमा देवी के बगलगीर संजीत कुमार को कहीं से बच्चा अगवा करने को कहा। इसके बाद संजीत ने अपने पट्टीदार रामानंद चौरसिया के दोनों बेटों को अगवा करने की साजिश रची।
बीते 21 सितम्बर को संजीत ने सत्यम के जरिये छोटे बेटे विक्की को बुलाया और हाजीपुर रोड में एक निजी स्कूल के निकट से दोनों को अगवा कर लिया । पुलिस के मुताबिक मुकुल के इशारे पर संजीत जो अपहृतों का चचेरा भाई है, उसने छोटू आदि के साथ मिलकर विक्की एवं सत्यम का मारुति से अपहरण कर मुकुल के हाथों विक्की को ढाई लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद सुजीत, छोटू एवं विकास ने सत्यम को मुजफ्फरपुर के कांटी थर्मल पावर के निकट जलकुम्भी में ईंट से सिर कूचकर फेंक दिया।












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