Uday Singh Net Worth: जनसुराज अध्यक्ष उदय सिंह के पास अथाह पैसा, इतनी संपत्ति की गिनते-गिनते थक जाएंगे
Uday Singh alias Pappu Singh Net Worth: बिहार की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी और उसके नेताओं को लेकर है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर इतना तेज हो गया है कि हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस बीच सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहे हैं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह। बीजेपी ने उन पर उम्र घोटाले का आरोप लगाया है। भाजपा नेता दानिश इकबाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उदय सिंह पर तंज कसा कि "2004 में जब उन्होंने चुनाव लड़ा तो उनकी उम्र 44 साल थी, लेकिन 2009 में वही नेता 57 साल के हो गए। आखिर 5 साल में 13 साल कैसे बढ़ गए?"
उदय सिंह पर लगे आरोपों के बीच जनता में बीच अथाह संपत्ति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आखिर उदय सिंह की कुल संपत्ति कितनी है और किस तरह का उनका राजनीतिक सफर रहा है।

Uday Singh Net Worth 2025: उदय सिंह की कुल संपत्ति
सिर्फ राजनीति ही नहीं, उदय सिंह अपनी संपत्ति को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं। उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति 341 करोड़ रुपये से ज्यादा है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उनकी वास्तविक संपत्ति 1000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। उदय सिंह के ऊपर 71 करोड़ रुपये का कर्ज भी है।
उदय सिंह के पास 14 लाख कैश, बैंक में एक करोड़ से ज्यादा जमा है। ये चुनावी हलफनामे का आंकड़ा है। उदय सिंह कंपनियों में बांड, डिबेंचर और शेयर में 64 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। एलआईसी या अन्य बीमा पॉलिसी में 70 लाख रुपये है। इसके लिए एक करोड़ से ज्यादा के गहने हैं। उदय सिंह की पत्नी रुबी सिंह भी आर्थिक रूप से मजबूत हैं। उनकी सालाना आय लगभग 1 करोड़ रुपये बताई जाती है।
उदय सिंह आलीशान मकान और बंगले
उदय सिंह के पास पूर्णिया, पटना और दिल्ली में लग्जरी घर हैं। पटना का मशहूर शेखपुरा हाउस भी उन्हीं का है। दिलचस्प बात यह है कि प्रशांत किशोर भी इसी बंगले में रहते हैं और इसके एक हिस्से को जनसुराज का दफ्तर बना दिया गया है।
उदय सिंह का राजनीतिक सफर
उदय सिंह का नाम बिहार की राजनीति में नया नहीं है। वे पूर्णिया लोकसभा सीट से दो बार बीजेपी सांसद रह चुके हैं। 2004 और 2009 में उन्होंने बीजेपी टिकट पर जीत हासिल की।
2014 और 2019 में कांग्रेस से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। 2024 में भी कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया, जिससे नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी। मई 2025 में उन्होंने जनसुराज पार्टी का दामन थामा और प्रशांत किशोर ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया।
उदय सिंह ऐसे परिवार से आते हैं जिसकी जड़ें राजनीति और नौकरशाही दोनों में गहरी हैं। पिता टीपी सिंह इंडियन सिविल सर्विस (ICS) के अधिकारी थे। मां माधुरी सिंह पूर्णिया से दो बार सांसद रह चुकी हैं। बड़े भाई एनके सिंह IAS रहे और राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं, अब बीजेपी से जुड़े हैं।
बहन श्यामा सिंह बिहार के पूर्व सीएम सत्यनारायण सिन्हा की बहू हैं और उनके पति निखिल कुमार रिटायर्ड IPS व राज्यपाल रह चुके हैं।
उनकी दो और बहनें राधा सिंह और कृष्णा सिंह भी IAS अधिकारी रह चुकी हैं।
क्यों चर्चा में रहते हैं उदय सिंह?
बिहार की राजनीति में उदय सिंह हमेशा एक चर्चित चेहरा रहे हैं। उनका राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन उनकी संपत्ति और पारिवारिक पृष्ठभूमि उन्हें बाकी नेताओं से अलग करती है। प्रशांत किशोर ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर यह साफ संदेश दिया कि जनसुराज बड़े और असरदार नेताओं को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरना चाहता है।












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