‘दानी शिक्षक’ की कहानी में एक और ट्विस्ट, अपनी ही चाल में खुद फंसे प्रोफेसर ललन, जानिए
मीडिया से मुख़ातिब होते हुए डॉ.सरिता कुमारी ने कहा कि नीतीश्वर कॉलेज में बैठक के दौरान डॉ.ललन कुमार भी मौजूद थे और मीडिया में बात को तोड़-मरोड़ कर पेश की गई है इस बात को उन्होंने क़बूली है।
पटना, 8 जुलाई 2022। बिहार में सैलरी लौटाने की पेशकश के बाद सहायक प्रोफेसर चर्चा का विषय बन गए थे । लेकिन अब वह ख़ुद अपने ही जाल में फंसते हुए नज़र आ रहे हैं। कॉलेज में बच्चों की ग़ैरहाजिर रहने पर नीतीश्वर कालेज के सहायक प्रोफेसर डॉ.ललन कुमार के आरोपों के खिलाफ़ शिक्षक संघ बचाव में खड़ा हो गया है। बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के इकाई का नीतीश्वर कालेज में गुरुवार को बैठक हुई। डॉ.सरिता कुमारी (बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के कॉलेज अध्यक्ष) ने बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में दावा करते हुए उन्होंने कहा कि डॉ.ललन कुमार की की बात तोड़-मरोड़ कर मीडिया में पेश की गई है।

नीतीश्वर कॉलेज में हुई संघ की बैठक
मीडिया से मुख़ातिब होते हुए डॉ.सरिता कुमारी ने कहा कि नीतीश्वर कॉलेज में बैठक के दौरान डॉ.ललन कुमार भी मौजूद थे और मीडिया में बात को तोड़-मरोड़ कर पेश की गई है इस बात को उन्होंने क़बूली है। डॉ. सरिता कुमारी ने कहा कि डॉ.ललन कुमार की बात गलत तरीक़े से पेश करने की वजह कॉलेज की छवी पर ग़लत पर प्रभाव पड़ा है। सोशल मीडिया पर छात्र और विभिन्न यूजर्स कॉलेज का मज़ाक बना रहे हैं, शिक्षक को ट्रोल कर रहे हैं।

डॉ. ललन पीजी में स्थानांतरण चाहते हैं- डॉ. रवि रंजन
डॉ.रवि रंजन (बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के कॉलेज सचिव) ने कहा कि डॉ. ललन कुमार का कक्षा में बच्चों का आना मसला नहीं है। वह पीजी स्थानांतरण चाहते हैं । ग़ौरतलब है कि कॉलेज में हुई बैठक में कई दिग्गज प्रोफेसरों ने शिरकत की थी जिसमें डॉ.निखिल रंजन, डॉ.सौम्य सरकार, डॉ.कामरान गनी, डॉ.आर्य प्रिय, डॉ.नीतू सिंह, डॉ.निभा शर्मा, डॉ.कुमारी सरोज, डॉ.इंद्राणी राय, डॉ.राखी तिवारी, डॉ.अभय नंदा समेत कई लोग मौजूद थे। वहीं अब डॉ.ललन कुमार का मामला मीडिया में आने के बाद कई और खुलासे भी हुए हैं।

चेक को लेकर विवादों में घिरे डॉ. ललन
सहायक प्रोफेसर डॉ. ललन कुमार ने सैलरी वापस करने के लिए यनिवर्सिटी को एक चेक वापस किया था। अब वह उस चेक को लेकर भी विवादों में घिर गए हैं। बताया जा रहा है कि ललन कुमार ने विश्विद्यालय को जिस अकाउंट नंबर का चेक दिया था उसमें सिर्फ 970.95 पैसे ही हैं। विवादों में घिरने के बाद ललन कुमार ने माफी मांगते हुए कहा कि भावनाओं में बहकर यह कदम उठा लिया था, लेकिन अब ऐसा लग रहा हैं कि यह गलत फैसला था। आपको बता दें कि नीतिश्वर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मनोज कुमार को फॉरवर्ड करते हुए ललन सिंह ने यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ आरके ठाकुर को एक खत लिखा है।

सहायक प्रोफेसर डॉ. ललन कुमार ने लिखा माफीनामा
सहायक प्रोफेसर डॉ. ललन कुमार ने माफीनामा में लिखा है कि 6 बार कोशिश करने के बाद भी तबादला नहीं किया गया जिसकी वजह से परेशान होकर उन्होंने यह क़दम उठाया है। मेरी कभी भी कॉलेज की छवि ख़राब करने की मंशा नहीं थी। कॉलेज के दूसरे साथियों से इस मुद्दे पर बात की तो मुझे अपनी गलती का अहसास हुआ कि जो किछ भी मैंने किया वह ग़लत था। वहीं सहायक प्रोफेसर डॉ. ललन कुमार ने वादा करते हुए कहा कि वह इस तरह की गलती भविष्य में कभी नहीं दोरहाएंगे।
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