बिहार में दुरुस्त होगी ट्रैफिक व्यवस्था, पटना के बाद अब इन ज़िलों में बनेगा रिंग रोड
बिहार में इन दिनों पर्यटन, औद्योगिक और सड़क व्यवस्था को दुरुस्त करने की क़वायद तेज़ हो चुकी है।
पटना, 17 अप्रैल 2022। बिहार में इन दिनों पर्यटन, औद्योगिक और सड़क व्यवस्था को दुरुस्त करने की क़वायद तेज़ हो चुकी है। इस बाबत राज्य सरकार रोड मैप तैयार करने में जुट गई है। बिहार के कई ज़िलों में अब ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए बड़े शहरों की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए राज्य सरकार रिंग रोड बनाने की कोशिश कर रही है।

ट्रैफिक की समस्या से निजात
बिहार में रिंग रोड के नाम पर सिर्फ़ राजधानी पटना का ही नाम ज़ुबान पर आता था, लेकिन अब बिहार के कई शहरों में रिंग रोड का निर्माण किया जाने वाला है। रिंग बन जाने की वजह से छोटे से लेकर बड़े शहरों तक ट्रैफिक की समस्या से निजात मिलेगी। आपने देखा होगा कि छोटे कस्बों और गांवों से बड़े शहरों के जोड़ने वाली भी सड़कों पर हमेशा ही ट्रैफिक की समस्या रहती है। इसलिए पहले चरण में बिहार के प्रमुख शहरों में रिंग रोड बनाया जाएगा ताकि शहरों में बिना ट्रैफिक से जूझे आवाजाही को आसान किया जा सके।

4 और 6 लेन सड़क का निर्माण
बिहार की राजधानी पटना में पहले से ही रिंग रोड का काम जारी है। अब राज्य के पांच और शहरों में रिंग रोड निर्माण की योजना तैयार की जा रही है। पटना में बिहटा में बन रहे रिंग रोड का निर्माण नये अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास से शुरू होकर कन्हौली, नौबतपुर, डुमरी, बेलदारीचक, रामनगर, सबलपुर, बिदुपुर (वैशाली), सराय, अस्तिपुर, नयागांव, दिघवारा(सारण), शेरपुर से वापस कन्हौली में आकर मिलेगा। मुख्य तौर पर दो चरणों में इस परियोजना का काम हो रहा है। फिलहाल रिंग रोड परियोजना के तहत कंहौली से रामनगर छह लेन का कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना में 4 और 6 लेन सड़क 137.5 किलोमीटर लंबी बनाई जाएगी।

दो शहरों के नाम पर चर्चा जारी
पटना के बाद बिहार के दूसरे 5 शहरों में भी रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। रिंग रोड परियोजना के मुताबिक गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर का नाम फाइनल हो चुका है। इन तीन शहरों के अलावा बाकी दो शहरों के चयन के लिए सर्वे किया जा रहा है। भोजपुर, कटिहार, बेगूसराय, छपरा और दरभंगा में से किसी दो शहरों में रिंग रोड निर्माण पर राय शुमारी की जा रही है। ट्रैफिक लोड और एक से दूसरे जिले के बीच आवागमन की सुविधा, ऐतिहासिक और पर्यटन के हिसाब से जिस शहर को कनेक्टिविटि की ज़रूरत होगी वहा रिंग रोड का निर्माण किया जा सकता है।
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