Bihar News: ये IPS फ़रार, 2 हफ्तों में करे सरेंडर नहीं तो होगी कुर्की ज़ब्ती, पूर्व IPS की आई ये प्रतिक्रिया
Bihar News: बिहार में अपराधियों के हौसले दिन पर दिन बुलंद होते जा रहे हैं, वहीं अब सरकार के आला अधिकारी भी अपराध करने से नहीं चूक रहे हैं। पिछले दिनों डीएम मधेपुरा की गाड़ी से कई लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। बाद में पता चला कि गाड़ी का इंश्योरेंस और पाल्यूशन भी फ़ेल था। इस मामले में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं अब आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार मामले में प्रदेश सरकार की किरकिरी हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने अब आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार की अग्रिम ज़मानत याचिका कर दो हफ्तों के अंदर सरेंडर करने का नोटिस जारी किया है। अगर वह आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो कुर्की ज़ब्ती की जाएगी। इस मामले में अगली सुनवाई 12 दिसंबर को की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की तारीख देते हुए जांच रिपोर्ट की पूरी डायरी सीलबंद कर 12 दिसंबर को पेश करने का जांच एजेंसी को दिया। आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार पर कई गंभीर आरोप हैं। न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस, न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अदालत ने साफ कर दिया है कि याचिकाकर्ता अग्रिम जमानत नहीं मिल सकती है।
आईपीएस आदित्य कुमार के फ़र्ज़ीवाड़े मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत में कहा कि, आदित्य कुमार पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, सख़्त से सख़्त सज़ा दी जाए ताकि कोई कानून का मज़ाक नहीं बनाए।
बिहार में क़ानून व्यवस्था हमेशा से सवालों के घेरे में रही है, पुलिस के आला अधिकारी इस तरह का संगीन जुर्म करेंगे तो अपराधियों के हौसले तो बुलंद होंगे ही ना। प्रदेश के डीआईजी जब फ़र्ज़ी कॉल पर झांसे में आकर केस को रफ़ा दफा करेंगे तो, निचले अधिकारी का हाल आप समझ ही सकते हैं।
आपको बता दें कि निलंबित IPS अधिकारी पर आदित्य कुमार पर आरोप लगा था कि, उन्होंने अपने दोस्त अभिषेक अग्रवाल से हाईकोर्ट पटना के चीफ़ जस्टिस बनकर बिहार के डीजीपी कॉल करवाया था। शराब कांड मामले को रफ़ा दफ़ा करवा दिया था। इसके साथ ही कई और गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।












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