Bihar News: '...पद की गरिमा को कम करती है', नीतीश की मोदी के पैर छूने की कोशिश पर तेजस्वी तंज
Bihar News: बिहार के दरभंगा में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूने की कोशिश की। हालांकि, पीएम मोदी ने तुरंत उनका हाथ पकड़कर उन्हें रोक लिया और अपनी सीट पर बैठने का इशारा किया।
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद यह राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है। विपक्षी नेता, विशेषकर तेजस्वी यादव ने इस पर तंज कसते हुए इसे दिखावे की विनम्रता करार दिया।

तेजस्वी यादव की तीखी टिप्पणी
आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने इस घटना पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार हाल ही में सरकारी अधिकारियों के साथ भी इसी तरह के इशारे कर रहे हैं, जो अत्यधिक विनम्रता का संकेत देता है। तेजस्वी ने इसे मुख्यमंत्री की राजनीतिक शैली का हिस्सा बताते हुए तंज कसा कि इस तरह की अत्यधिक विनम्रता उनके पद की गरिमा को कम करती है।
नीतीश कुमार की "विनम्रता" पर विपक्ष का सवाल
यह पहली बार नहीं है, जब नीतीश कुमार के इस प्रकार के व्यवहार ने राजनीतिक हलकों में आलोचना बटोरी है। इसी साल, एक सरकारी कार्यक्रम में उन्होंने राज्य के परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए आईएएस अधिकारियों और एक इंजीनियर के पैर छूने तक की पेशकश की थी। उनके इन इशारों को विपक्षी दलों और कुछ अन्य वर्गों ने अनावश्यक माना और आलोचना की। कई आलोचकों का मानना है कि नीतीश कुमार का इस तरह का व्यवहार उनके पद की गरिमा और बिहार में उनके लंबे कार्यकाल को कमजोर करता है।
पिछली घटनाएं और आलोचना
नीतीश कुमार का पैर छूने का यह तरीका पहले भी चर्चा में रहा है। 2022 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भी नीतीश ने इसी तरह के आदर का प्रदर्शन किया था। इसके बाद लोकसभा चुनावों के लिए एक रैली में भी वे ऐसा ही करते नजर आए। कुछ लोगों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह अत्यधिक विनम्रता भरा व्यवहार उनकी साख और प्रतिष्ठा को कम करता है, खासकर जब वह बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री हैं।
आरके सिन्हा के साथ भी ऐसी ही घटना
हाल ही में राज्यसभा के पूर्व सांसद और भाजपा नेता आरके सिन्हा के साथ भी इसी प्रकार की घटना देखने को मिली थी। एक धार्मिक समारोह में नीतीश कुमार ने आरके सिन्हा के पैर छूने का प्रयास किया, जिससे सिन्हा हैरान रह गए। भारतीय राजनीति में पैर छूने के इस इशारे ने राजनीतिक शिष्टाचार और सम्मान पर बहस छेड़ दी है कि क्या इस तरह का आचरण मुख्यमंत्री जैसे पद की गरिमा के अनुकूल है या नहीं।
दरभंगा में एम्स शिलान्यास का मुख्य उद्देश्य और घटना का प्रभाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की आधारशिला रखने के लिए पहुंचे थे। यह क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढाँचे को सुधारने और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन नीतीश कुमार और पीएम मोदी के बीच हुई इस घटना ने इस विकास परियोजना से ज्यादा राजनीतिक समीकरणों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है।
दरभंगा की इस घटना ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह व्यवहार जहां उनकी विनम्रता को दर्शाता है, वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के इशारे उनके पद की गरिमा को कम करते हैं। विपक्ष इस मुद्दे को भुनाने में लगा हुआ है, जबकि आम जनता की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि क्या यह महज राजनीतिक शिष्टाचार है या कुछ और।












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