तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर पेपर लीक मामले में पर नीतीश सरकार को लिया आड़े हाथ
पटना। बिहार बोर्ड दसवीं की परीक्षा में सोशल साइंस का पेपर लीक होने के मामले को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया तो सरकार ने मामले की जांच कराकर परीक्षा को रद्द कर दिया। वहीं शनिवार को सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव ने लिखा कि बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा के लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। सरकार गहरी नींद में है। हमेशा हमें सरकार को बताना पड़ता है कि ऐसा हुआ है। प्रतिभाशाली और गरीब बच्चों का भारी नुकसान हो रहा है। बिहार बोर्ड के उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसा होता है लेकिन उनपर कोई कार्रवाई नहीं होती।

वहीं पेपर लीक मामले में पर जवाब देते हुए प्रदेश के शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी। वहीं इस मामले पर डिप्टी सीएम रेणु देवी ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक करने के जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
वहीं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा है कि सरकार की गलतियों का नतीजा है कि बिहार बोर्ड में कई वर्षों से कुव्यवस्था है। अलग बात है कि सरकार उसे टालती रहती है। सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। लेकिन सरकार उन्हीं अफसरों को बनाकर रखी हुई है। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर सहित सभी अफसरों को सरकार से हटाने की मांग की।
बता दें कि बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा (मैट्रिक परीक्षा) में शुक्रवार को सामाजिक विज्ञान (सोशल साइंस) विषय की परीक्षा थी। पेपर लीक होने की वजह से ये परीक्षा रद्द कर दी गई। सोशल साइंस की पहली पाली में हो रही परीक्षा के ठीक पहले प्रशासन को पेपर लीक की जानकारी मिली। जिसके बाद परीक्षा को रद्द कर दी गई है।
इस मामले में प्रशासन ने जमुई के तीन बैंककर्मियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार तीनों बैंककर्मी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के स्टाफ हैं। अब यह परीक्षा 8 मार्च 2021 को दोबारा आयोजित कराई जाएगी। ये पेपर लीक का मामला भी जमुई जिले का है।












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