'NDA का अर्थ है-नहीं देंगे अधिकार', वोटर अधिकार यात्रा में गरजे तेजस्वी, साधा सरकार पर निशाना
Tejashwi Yadav: बिहार की सियासत में गरमी बढ़ रही है। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सत्ता और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बुधवार को RJD नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर तीखा हमला बोला।
तेजस्वी ने तंज कसते हुए NDA का नाम "नहीं देंगे अधिकार" दे डाला और दावा किया कि जनता बदलाव के मूड में है और आने वाले चुनाव में NDA को सत्ता से बेदखल कर देगी। इसी बीच, पूरे बिहार में चल रही 'वोटर अधिकार यात्रा' भी रफ्तार पकड़ चुकी है, जिसमें कई बड़े विपक्षी नेता शामिल हो रहे हैं।

तेजस्वी का सीधा निशाना
ANI से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा, "NDA का मतलब है 'नहीं देंगे अधिकार'। लोग अब हमारे साथ हैं। जिस तरह वोट चोरी की कोशिश हो रही है, जनता जागरूक है और अपने वोट की रक्षा करेगी। बीजेपी-NDA को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ेगा।"
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वोटर अधिकार यात्रा का सफर
तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की अगुवाई में चल रही 'वोटर अधिकार यात्रा' बुधवार को दरभंगा के गंगवारा महावीर स्थान से शुरू होकर मुजफ्फरपुर होते हुए सीतामढ़ी तक जाएगी। इस यात्रा में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी शामिल होंगे।
प्रियंका गांधी भी हुए शामिल
मंगलवार को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और तेजस्वी यादव ने सुपौल में यात्रा का हिस्सा बनकर जनता को संबोधित किया। प्रियंका गांधी ने इस दौरान बीजेपी पर वोट चोरी की साजिश रचने का आरोप लगाया।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "बिहार की NDA सरकार महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक संकट जैसी समस्याओं को सुलझाने में पूरी तरह विफल रही है। जनता का भरोसा खो चुकी बीजेपी अब सत्ता में बने रहने के लिए वोट चोरी की कोशिश कर रही है।"
1,300 किमी की यात्रा
यह 16 दिन की 'वोटर अधिकार यात्रा' बिहार के 20 जिलों में लगभग 1,300 किमी की दूरी तय करेगी। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को उजागर करना और जनता को जागरूक करना है। यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना में होगा।
चुनाव की तैयारी तेज
राज्य में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत तक होने की संभावना है, हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तारीखों का ऐलान नहीं किया है। लेकिन राजनीतिक हलचल और नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप से साफ है कि चुनावी माहौल पूरी तरह से बन चुका है।
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