Tej Pratap की पीली टोपी, PK ने कहा- जिसे पीले रंग में रंगना है रंग जाए, किस ओर इशारा, क्या है सियासी मायने?
Tej Pratap Ki Topi Par PK Ka Tanz: बिहार की सियासत में रंगों का भी अपना राजनीतिक मतलब होता है, और जब कोई नेता अचानक पीली टोपी में दिखे, तो चर्चा लाज़मी है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने लखीसराय की जनसभा के दौरान तेज प्रताप यादव की पीली टोपी पर तंज कसा।
प्रशांत किशोर नेए कहा कि "जो भी पीली टोपी पहन ले, वह जन सुराज में ही आ जाए, यह जरूरी नहीं है। लेकिन जिसे भी पीले रंग में रंगना है, रंग जाए।" इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या तेज प्रताप यादव का ये रंग बदलना किसी नए सियासी समीकरण का संकेत है?

चिराग पासवान पर भी साधा निशाना
लखीसराय के सूर्यगढ़ा में आयोजित बिहार बदलाव जनसभा में प्रशांत किशोर ने न सिर्फ चिराग पासवान की एनडीए पर दोहरी भूमिका को आड़े हाथों लिया, बल्कि तेज प्रताप यादव के पहनावे को लेकर भी चुटकी ली। उन्होंने पत्रकारों के सवाल पर मुस्कराते हुए कहा, "तेज प्रताप जी से पूछिए कि वो कब हरा पहनेंगे और कब पीला पहनेंगे। जन सुराज का रंग पीला है, जिसे भी इसमें रंगना है, रंग जाए।"
प्रशांत किशोर के इस व्यंग्यात्मक बयान को राजनीतिक जानकार एक संभावित संकेत मान रहे हैं कि RJD के भीतर सबकुछ ठीक नहीं है, और शायद जन सुराज को लेकर तेज प्रताप कोई 'पॉलिटिकल फ्लर्ट' कर रहे हों।
तेज प्रताप की चुप्पी भी बनी चर्चा का विषय
तेज प्रताप यादव ने अभी तक इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पिछले कुछ समय से उनका पार्टी लाइन से अलग बर्ताव चर्चा में रहा है। चाहे वो शिवभक्त वाली छवि हो या अब पीली टोपी वाला नया अवतार राजनीतिक गलियारों में इसे 'सॉफ्ट सिग्नल' के तौर पर देखा जा रहा है।
PK का सीधा संदेश: अब चेहरों को नहीं, मुद्दों को वोट दीजिए
प्रशांत किशोर ने अपनी सभा में साफ शब्दों में कहा कि "इस बार लालू, नीतीश या मोदी के नाम पर वोट नहीं, बल्कि अपने बच्चों की पढ़ाई और रोजगार के लिए वोट देना है।" उन्होंने दावा किया कि यदि उनकी योजना लागू होती है तो बिहार से बाहर पलायन करने वाले 50 लाख युवाओं को वापस बुलाकर यहीं रोज़गार दिलाया जाएगा।












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