'चाचा इस बार CM नहीं बनेंगे', बिहार चुनाव से पहले तेज प्रताप का बड़ा दावा, बताया किसकी बन सकती है सरकार
Tej Pratap Yadav: बिहार की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुली चुनौती देते हुए दावा किया है कि "इस बार चाचा (नीतीश कुमार) मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।" इससे पहले प्रशांत किशोर ने भी दावा किया था कि इस बार नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।
तेज प्रताप ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''इतना तो साफ है कि इस बार चाचा फिर से सीएम नहीं बनेंगे।'' उन्होंने कहा, "टीम तेजप्रताप यादव" एक ऐसा मंच है, जिससे वे सीधे जनता से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "जो भी पार्टी युवाओं, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की बात करेगी, मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा। इन्ही मुद्दों पर बात करने वाली पार्टी इस बार सरकार बनाएगी।''

तेज प्रताप यादव ने विश्वास जताया कि विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पद नहीं बचा पाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे राजद-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन करेंगे या नहीं। उन्होंने साफ-साफ कहा कि वे उसका समर्थन करेंगे जो युवा, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की बात करेगा।
उन्होंने सीएम नीतीश कुमार के 125 यूनिट मुफ्त बिजली वाले वादे को भी हवा-हवाई करार दिया और कहा कि अभी तक किसी को मुफ्त बिजली नहीं मिली है, सिर्फ घोषणा हुई है।
तेज प्रताप यादव महुआ से लड़ेंगे निर्दलीय, RJD पर तंज
तेज प्रताप यादव ने साफ कहा कि वे इस बार महुआ सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इस सीट पर फिलहाल RJD के मुकेश रौशन विधायक हैं, जो तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते हैं। तेजप्रताप ने व्यंग्य करते हुए कहा, "जो विरोधी हैं, उन्हें खुजली हो गई है।"
महुआ सीट से तेज प्रताप पहले भी 2015 में विधायक रह चुके हैं, जबकि फिलहाल वे हसनपुर सीट से विधायक हैं। लेकिन इस बार उन्होंने अपने पुराने गढ़ महुआ में वापसी का ऐलान कर दिया है।
परिवार में बढ़ती खटास, सोशल मीडिया पर अनफॉलो
तेज प्रताप यादव ने हाल ही में अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से अपनी बहनों -मीसा भारती, हेमा यादव, राजलक्ष्मी यादव -और RJD के आधिकारिक हैंडल को अनफॉलो कर दिया है। इससे परिवार में अंदरूनी विवाद की अटकलें और तेज हो गई हैं।
अनुशासनहीनता की वजह से पार्टी से निकाले गए
तेज प्रताप को 25 मई 2025 को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। इस फैसले के पीछे उनके "गैरजिम्मेदाराना व्यवहार" और "नैतिक मूल्यों की अनदेखी" को कारण बताया गया। तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर अनुष्का यादव नाम की एक महिला के साथ संबंध का दावा किया था, जिसे बाद में उन्होंने "हैकिंग" बताया।
तेजस्वी पर निशाना, "कृष्ण और अर्जुन" की कल्पना
तेज प्रताप ने यह भी आरोप लगाया कि उनके और तेजस्वी यादव के बीच दरार डालने की साजिश हो रही है। उन्होंने महाभारत के पात्रों का जिक्र करते हुए लिखा, "जो कृष्ण और अर्जुन को अलग करने का सपना देख रहे हैं, वे कभी कामयाब नहीं होंगे।"
बिहार चुनाव 2025: तस्वीर अभी बाकी है
बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने की संभावना है, लेकिन चुनाव आयोग ने अभी तक तारीखों का ऐलान नहीं किया है। एक तरफ NDA (BJP-JDU-LJP) फिर से सत्ता में वापसी की तैयारी में है, वहीं महागठबंधन (RJD-Congress-Left) नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने की रणनीति बना रहा है। इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि मैदान में तेजस्वी के साथ अब तेज प्रताप भी अकेले खिलाड़ी के रूप में उतर चुके हैं।












Click it and Unblock the Notifications