बिहार में नियोजित शिक्षकों को ‘राज्यकर्मी का दर्जा’ के लिए करना होगा इंतजार, इन बातों से मिल रहे संकेत
Bihar Teachers, State Employee News: बिहार में आगामी चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है, वहीं अटकलों की सियासत पर भी चर्चा तेज़ हो चुकी है। इसी क्रम में यह भी चर्चा है कि नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिल सकता है, लेकिन कब मिलेगा कोई बता नहीं सकता। चुनावी मौसम में फिलहाल नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा पाने के लिए और इंतज़ार करना होगा।
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मीडिया से मुख़ातिब होते हुए कहा कि फिलहाल नियोजित शिक्षकों के राज्यकर्मी दर्जा मामले पर किसी प्रकार का फैसला नहीं हुआ। सीएम नीतीश कुमार आने वाले वक्त में इस पर फैसला ले सकते हैं।

आपको बता दें कि सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ थी कि प्रदेश सरकार चुनावी मौसम में नियोजित शिक्षकों को राज्यक्रमी का दर्जा देकर, वोट की सियासत कर सकती है। वहीं यह भी चर्चा थी कि अक्टूबर में होने वाली नीतीश कैबिनेट की बैठक में नियोजित शिक्षको कों राज्यकर्मी का दर्जा देने पर मुहर लगने वाली है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बयान के बाद तो यह साफ हो गया है कि अभी प्रदेश सरकार इस मामले में कोई क़दम नहीं उठा रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कहै कि सरकार न फिलहाल इस पर किसी प्रकार का फैसला नहीं लिया है। वक्त आने पर फैसला लेते हुए सभी का ख्याल रखा जाएगा।
तेजस्वी यादव के बयान से यह तो लग रहा है कि सरकार नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देगी, क्योंकि उन्होंने मामले को खारिज नहीं करते हुए वक्त आने पर फ़ैसला लेने की बात कही है। फिलहाल तो यह नज़ारा है कि नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा पाने के लिए और इंतज़ार करना होगा।
पहले तो यह कयासबाज़ी हो रही थी कि नीतीश कैबिनेट की हुए स्पेशल बैठक में फ़ैसले पर मुहर लग सकती है। इसके बाद क़यास लगाए जा रहे थे कि अक्टूबर में नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिल ही जाएगा। वहीं अब डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के बयान के बाद नियोजित शिक्षकों के पास इंतज़ार के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।












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