चीनी सैनिकों के साथ झड़प में बिहार के इस लाल की आई थी शहादत की खबर, आज सुबह फोन कर कही यह बात
छपरा।
पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीन सीमा पर हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए। शहीद हुए जवानों में बिहार के छपरा जिले के सुनील राय का नाम भी सामने आया था। घर में अपने सपूत के शहादत की खबर के बाद कोहराम मच गया था। लेकिन आज सुबह उसी घर में फिर से खुशियां लौट आई हैं। छपरा का लाल सुनील राय सीमा पर शहीद नहीं हुआ बल्कि सही सलामत है। दरअसल, एक ही नाम के कारण गलतफहमी हुई, जिसके बाद उनके शहादत की सूचना घर तक पहुंच गई। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>
घर फोन करके खुद सुनील ने दी जिंदा होने की खबर
दरअसल, मंगलवार की शाम को खबर आई थी कि भारत-चीन सीमा पर दुश्मनों से लड़ते हुए छपरा जिले का सुनील राय शहीद हो गए। लेकिन अब खबर आई है कि सुनील पूरी तरह ठीक है और उन्होंने अपने परिजनों से फोन के जरिए बात भी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को सुनील राय ने खुद फोन कर अपने परिजनों से बात की जिसके बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। सुनील के परिजनों ने बताया कि उनसे बात हुई है और वो लद्दाख में पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

एक नाम को लेकर हुई गलतफहमी
सेना के अधिकारियों ने परिवार से बात करते हुए बताया है कि गलतफहमी के कारण ठीक जानकारी नहीं मिली। लेकिन लद्दाख में सुनील पूरी तरह ठीक हैं। जैसे ही परिवार वालों को सुनील के सुरक्षित होने की खबर मिली मातम का माहौल अचानक से खुशियों में बदल गया। सुनील के भाई मिथिलेश राय ने फोन पर बात करने के बाद मीडिया को बताया कि उनके भाई पूरी तरह ठीक है और अधिकारियों ने कहा है कि गलतफहमी के कारण या गलत सूचना की वजह से ये सब हुआ और इसके लिए खेद भी जताया गया है।

मंगलवार को आई थी शहादत की खबर
इससे पहले मंगलवार की रात भारत-चीन बॉर्डर पर चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में बिहार के सारण के भी जवान सुनील के शहीद होने की खबर मिली थी, जिसके बाद परसा प्रखंड के दिघरा परसा गांव में कोहराम मच गया था। सारण के डीएम सुब्रत कुमार सेन ने भी सेना के जवान सुनील कुमार के शहीद होने की पुष्टि की थी। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा था कि अभी विस्तृत जानकारी का इंतजार है। जवान सुनील कुमार (38 वर्ष) छपरा जिले के दीघरा परसा गांव के रहने वाले हैं।

20 जवान शहीद
बता दें कि लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक हमले में भारतीय सेना के जवानों की शहादत से पूरे देश में गुस्सा है। भारतीय सूत्रों के मुताबिक चीन के भी 43 जवान मारे गए हैं या तो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। शुरुआत में, भारतीय सेना ने कहा कि एक अधिकारी और दो सैनिक मारे गए। बाद में भारतीय सेना ने बयान में बताया कि 15-16 जून की रात भारत-चीन की झड़प हुई थी, लाइन ऑफ ड्यूटी पर 17 भारतीय टुकड़ियां जख्मी हुई हैं। वहीं, उप-शून्य तापमान में हमारे जवान देश की सुरक्षा के लिए वीरगति को प्राप्त हुए हैं, जिनकी संख्या 20 है। भारतीय सेना राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।












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