Bihar News: 4 Sept को हुई बहस, 13 Sept को हो गया अधिकारी का तबादला, जानिए कौन हैं IPS स्वीटी सहरावत
IPS Transfer In Bihar: आईपीएस अधिकारियों का तबादला होना रूटीन वर्क में शुमार किया जाता है। एक समय के बाद एक जगह से दूसरी जगह सरकारी अधिकारियों के तबादले होते रहते हैं। इसी क्रम में बिहार में 2 IPS, 66 SDPO-DSP का 13 सितंबर को तबादला किया गया है। इन तबादलों के बीच IPS स्वीटी का तबादला चर्चा का विषय बन गया है। आइए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला।
निखिल राज (रियार्ड आईपीएस और पूर्व राज्यपाल) जिलें में हो रही आपराधिक वारदातों के सिलसिले में, 4 सिंतबर को औरंगाबाद की SDPO स्वीटी सहरावत से मिलने उनके आवास पर पहुंचे थे। स्वीटी सहरावत काफी देर बाद निखिल राज से मिलीं और कहा कि मैं दफ्तर में मिलती हूं, आवास पर पर नहीं।

प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ़ का हवाला देने के दौरान निखिल राज और स्वीटी के बीच तीखी बहस हो गई। 4 सितंबर को बहस हुई और 13 सितंबर को उनका तबादला कर, पटना सदर की ज़िम्मेदारी सौंप दी गई। इस तबादले को लोग निखिला राज के साथ हुई बहस के साथ जोड़कर देख रहे हैं।
IPS अधिकारी स्वीटी सहरावत के तबादले पर चर्चा क्यों तेज़ हुई यह बात तो आप जान गए, अब IPS स्वीटी सहरावत के बारे में बारे में कुछ ख़ास बातें जानते हैं। स्वीटी सहरावत पेशे से डिजाइन इंजीनियर थी, उन्होंने नौकरी छोड़कर साल 2019 में UPSC क्रैक कर 187 रैंक हासिल किया था। बिहार कैडर में उन्हें औरंगाबाद में SDPO की ज़िम्मेदारी मिली। उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से बी.टेक डिग्री भी हासिल की हैं।
स्वीटी का जन्म दिल्ली के रमज़ान पुर गांव में हुआ था, बाद में परिवार समेत सोनीपत शिफ्ट हो गए। वहीं से उनकी आगे की तालीम मुकम्मल हुई। स्वीटी की मां शुरू से चाहतीं थीं कि उनकी बेटी हर उन चीज़ों को पाए जो वह खुद हासिल नहीं कर पाईं। मां की चाहत को पूरा करने के लिए स्वीटी बचपन से कोशिश में लग गई थी। एक दिन में 8 से 10 घंटों तक पढ़ाई करतीं थीं। इसका नतीजा हुआ कि उन्होंने तीन साल की मेहनत से UPSC क्लियर कर लिया था।
स्वीटी के पिता दिल्ली पुलिस में बतौर हेड कॉन्स्टेबल काम कर रहे थे। साल 2013 में एक सड़क दुर्घटना में वह दुनिया को अलविदा कह गए। पिता का साया उठ जाने के बाद परिवार में कई चुनौतियां भी आईं। लेकिन घर में वर्दी की चर्चा होती रही। आपको बता दें कि स्वीटी के भाई भी CISF में कार्यरत हैं।
स्वीटी सेहरावत ने कोचिंग में पढ़ाई कर पहली कोशिश साल 2018 में की थी, लेकिन कामयाब नहीं हो पाई। इसके बाद उन्होंने बिना कोचिंग के ही साल 2019 में UPSC क्रैक कर 187 रैंक लाई और मां के सपनों को साकार कर दिखाया।












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