जेल में बंद कारोबारी अभिषेक अग्रवाल फिर सुर्खियों में, सलाखों के पीछे होने के बावजूद कर रहा ठगी
Beur Jail Patna: बिहार का 'नटवरलाल' टाइल्स कारोबारी अभिषेक अग्रवाल एक फिर चर्चा का विषय बन गया है। अभिषेक पर जेल के अंदर रहने के बाद भी ठगी का आरोप लगा है। मिली जानकारी के मुताबिक अभिषेक सलाखों के पीछे ADG और गृह सचिव का धौंस दिखाते हुए कर्मचारियों को चूना लगा रहा था।
अभिषेक अग्रवाल के जेल में बंद होने के बाद भी हौसले इतने बुलंद हैं कि वह जेल डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों को अपने मोबाइल से कॉल कर जेल में बेहतर सुविधा देने की मांग कर रहा था। सूत्रों की मानें तो पूर्व जेलर रामानुज को उसी के कहने पर सस्पेंड किया गया है।

जेल अधिकारियों को यही हवाला देते हुए डराकर धौंस जमा रहा था। खबर है कि वह जेल बंद होने के बाद भी अपना नेटवर्क चला रहा था। जेल में हुए छापेमारी से इसका पर्दाफाश हुआ है, उसके पासे से स्मार्टफोन भी बरामद हुए हैं। मोबाइल मिलने पर अधिकारियों के भी होश फाख्ता हो गए। जेल कर्मचारियों ले लेकर क़ैदियों तक से तफ्तीश की जा रही है। वहीं सीसीटीव फुटेज से भी सुराग लगाने की कोशिश हो रही है।
आपको बता दें कि इससे पहले भी अभिषेक अग्रवाल बड़े-बड़े कारनामे कर चुका है। तत्कालीन डीजीपी को पूर्व जस्टिस के नाम पर झांसे में ले चुका है। अभिषेक अग्रवाल पर कई मुकदमे दर्ज है, आर्थिक अपराध थाना में कांड संख्या 33/2020, IPC धारा के तहत 353, 387, 149, 420, 467, 468, 120 (b) और IT एक्ट की धारा 66(C), 66(D) के तहत मुकदमा दर्ज है।
पटना के आदर्श केंद्रीय कारा बेउर जेल में अभिषेक अग्रवाल बंद है। जेल के अंदर से धौंस दिखाने और ठगी के मामले में बेउर थाने में मामला दर्ज करा दिया गया है। जेल के अंदर उसके पास मोबाइल कैसे आया, इस मामले की भी जांच हो रही है। इससे पहले भी जेल से मोबाइल और आपत्तिजनक सामान बरामद होने पर जेल के कई अधिकारियों पर गाज गिरी थी।
पटना के SSP राजीव मिश्रा ने अभिषेक अग्रवाल मामले में जानकारी देते हुए कहा कि जेल सुपरिटेंडेंट की तरफ मामले की जानकारी मिली है। अभिषेक अग्रवाल (अभिषेक भोपालिका और मो. राजा) जेल के अंदर हाई सिक्योरिटी कमरे में बंद है। उसके पास से स्मार्टफोन मिला।
मामले की जांच में यह भी सामने आया कि अभिषेक अग्रवाल जेल में सुविधा देने के लिए धौंस दिखा रहा था। इस बाबत बेउर थाना में जेल सुपरिटेंडेंट ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पूरे मामले में कुछ कैदियों और जेल कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के तरफ़ से कानूनी कार्रवाई और जेल मैनुअल के मुताबिक जेल सुपरिटेंडेंट कार्रवाई कर रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications